बैकानुर(कजाखस्तान), एपी। अमेरिका के नासा और रूस के रॉसकॉसमोस से जुड़े अंतरिक्ष यात्री शुक्रवार को सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आइएसएस) पहुंच गए। रूस के चर्चित सोयुज रॉकेट की मदद से आइएसएस के लिए भेजा गया अंतरिक्ष यान शुक्रवार को कजाखस्तान के बैकानुर स्थित प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया।

स्थानीय समयानुसार 12:14 की मध्यरात्रि को प्रक्षेपित हुआ यान छह घंटे के बाद सफलतापूर्वक आइएसएस पहुंच गया। इसके जरिए नासा के निक हेग और क्रिस्टिना कोच और रॉसकॉसमोस से जुड़े अलेक्सेइ ओवचीनिन अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचे। सफलता पर नासा ने यात्रियों को बधाई दी है।

पिछले साल 11 अक्टूबर को अपने अंतरिक्ष यात्रियों को आइएसएस भेजे जाने का नासा और रॉसकॉसमोस का संयुक्त प्रयास सफल नहीं हो पाया था। इस प्रक्षेपण को भी बैकानुर से सोयुज रॉकेट के माध्यम से किया गया था।

तकनीकी खराबी के कारण सोयुज रॉकेट में गड़बड़ी आ जाने से क्रू में शामिल दोनों यात्रियों को वापस लौटना पड़ा था। इस बार के सफल प्रयास का दोनों अंतरिक्ष यात्री भी हिस्सा बने। निक हेग और अलेक्सेइ ओवचीनिन को पिछली बार रास्ते से ही लौटना पड़ा था। उन्हें आपात स्थिति में वापस धरती पर लैंडिंग करनी पड़ी थी।

अब तीनों अंतरिक्ष यात्री आइएसएस में रहने वाली शोध टीम का हिस्सा बनेंगे। ऐनी मैकक्लैन, ओलेग कोनोनेंको और डैविड सेंट-जैक्स पहले से ही स्पेस स्टेशन में कार्यरत हैं। यहां जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और विज्ञान के कई अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान कार्य किया जाता है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh