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    Pakistan Crisis: इमरान की अग्निपरीक्षा आज, क्‍या विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव से उबर पाएंगे पीएम? जानें- एक्‍सपर्ट व्‍यू

    By Ramesh MishraEdited By:
    Updated: Mon, 28 Mar 2022 01:12 PM (IST)

    no-confidence motion in pakistan यदि इमरान खान की सरकार अविश्‍वास प्रस्‍ताव से बचने में नाकाम रही तो पाकिस्‍तान की राजनीति क्‍या नाटकीय मोड़ लेगी? क्‍या पाकिस्‍तान में आम चुनाव की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है। संवैधानिक संकट में पाकिस्‍तान की सेना का क्‍या रोल होगा।

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    क्‍या विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव से उबर पाएंगे पीएम इमरान सरकार। एजेंसी।

    नई दिल्‍ली, जेएनएन। No-Confidence Motion in Pakistan: आज का दिन प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ पाकिस्‍तान की सियासत के लिए भी बेहद अहम है। पाकिस्‍तान की नेशनल असेंबली में यह तय होगा कि इमरान आगे पीएम पद पर रहेंगे या नहीं। उनको विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्‍या इमरान विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव से बचने में कामयाब हो पाएंगे? इस सियासी संकट से बचने के लिए क्‍या इमरान खान अपनी पार्टी को सत्‍ता में बने रहने के लिए किसी अन्‍य नेता को प्रधानमंत्री का पद देने पर राजी होंगे। यदि इमरान खान की सरकार अविश्‍वास प्रस्‍ताव से बचने में नाकाम रही तो पाकिस्‍तान की राजनीति क्‍या नाटकीय मोड़ लेगी? क्‍या पाकिस्‍तान में आम चुनाव की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है। संवैधानिक संकट में पाकिस्‍तान की सेना का क्‍या रोल होगा। ये ऐसे सवाल हैं जो आपके मन में उठ रहे होंगे। भारत की भी नजर पाकिस्‍तान के सियासत पर जरूर होगी। आइए जानते हैं इस पर विशेषज्ञों की क्‍या राय है।

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    1- प्रो. हर्ष वी पंत (आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली में निदेशक) का कहना है कि पाकिस्‍तान में यह सियासी संकट किस मोड़ पर खत्‍म होगा कुछ भी कहना जल्‍दबाजी होगा। इमरान को हटाने के लिए विपक्ष ने कोई संवैधानिक कसर नहीं छोड़ी है। उधर, प्रधानमंत्री इमरान खान ने विपक्ष के प्रहार से बचने के लिए उपक्रम जरूर किए होंगे। आज का दिन उनके और उनकी सरकार के लिए काफी अहम है।

    2- प्रो. पंत ने कहा कि पाकिस्‍तान में संवैधानिक व्‍यवस्‍था के तहत इमरान को सदन में विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव का सामना करना होगा। इमरान को यह सिद्ध करना होगा कि सदन में उनकी पार्टी का बहुमत है। यदि इमरान की पार्टी ऐसा करने में सफल हो जाती हैं तो उनके लिए सत्‍ता का सफर आसान हो जाएगा। यह विपक्ष की बड़ी पराजय होगी।

    3- उन्‍होंने कहा कि लेकिन पाकिस्‍तान में विपक्षी एकता को देखते हुए इमरान के लिए यह सब कुछ करना इतना आसान नहीं है। प्रो पंत ने कहा कि इमरान सदन में बहुमत हासिल करने में विफल होते हैं तो उन्‍हें अपने कुर्सी से हटना होगा। ऐसे में दो ही विकल्‍प होते हैं। इमरान मध्‍यावधि चुनाव करा सकते हैं। इसके अतिरिक्‍त इमरान सरकार विश्‍वास मत ला सकती है। ऐसे में वह पार्टी के किसी अन्‍य सदस्‍य का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ा सकते हैं और अपनी पार्टी को सत्‍ता में बने रहने दें।

    4- पाकिस्‍तान की सियासत में सेना का भी अहम रोल होता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्‍प होगा कि इस सियासी भूचाल में सेना की क्‍या भूमिका होती है। पक्ष और विपक्ष के इस सियासत में सेना का भी नाम खूब उछाला गया है। हालांकि, सेना कहती रही है कि उसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है कि पाकिस्‍तान में सेना तटस्‍थ रहे। सेना ने अपने पत्‍ते अभी साफ तौर पर खोले नहीं है। यह तय है कि पाकिस्‍तान में जब भी लोकतंत्र कमजोर हुआ सेना ने उसका फायदा उठाया है। यही कारण रहा है कि वहां कई बार सैन्‍य हुकूमत रही है।

    शाम 4 बजे शुरू होगी इमरान की अग्निपरीक्षा

    1- पाकिस्‍तान में आज शाम चार बजे नेशनल असेंबली की कार्यवाही शुरू होगी। चूंकि इमरान की पार्टी के 24 सांसद बागी हो गए हैं, ऐसे में माना जा रहा है इमरान खान आज इस्तीफा दे सकते हैं। इससे पहले पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल बाजवा ने उनसे मुलाकात कर उन्हें कुर्सी छोड़ देने की सलाह दी थी। पाकिस्तानी संसद में बहुमत के लिए 172 सांसदों की जरूरत होती है, लेकिन इमरान की पार्टी के अलावा अन्य साथी पार्टियों के मिलाकर कुल 39 सांसद इमरान का साथ छोड़ चुके हैं।

    2- चौंकाने वाली बात यह है कि इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पहले ही शाहजैन बुगती ने इस्तीफा दे दिया है। बुगती बलूचिस्तान में सुलह और सद्भाव पर इमरान खान के विशेष सहायक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी के साथ बैठक के बाद इस्तीफा दे दिया। बुगती ने साफ कहा है कि वह इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष का समर्थन करेंगे।

    विपक्ष इस्लामाबाद में करेगा शक्ति प्रदर्शन

    उधर, इमरान ने 27 मार्च को लोगों से अपने समर्थन में जुटने की अपील की थी। इमरान की पार्टी का दावा था कि इस समर्थन रैली में 10 लाख से ज्यादा लोग आएंगे, लेकिन हकीकत में एक लाख लोग भी नहीं जुट पाने की बात सामने आई है। अब विपक्ष आज अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। पाकिस्तानी विपक्षी दलों के संगठन पाकिस्तान डेमाक्रेटिक मूवमेंट (PDM) ने सोमवार को इस्लामाबाद में शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है। यानी विपक्ष अब इमरान को किसी भी सूरत में टिकने नहीं देना चाह रहा है।