इस्‍लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक के उत्पीड़न का मामला एक बार फिर सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, भारतीय प्रभारी गौरव अहलूवालिया की कार का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के एक सदस्य ने मोटरसाइकिल से पीछा किया है। यही नहीं आइएसआइ ने गौरव अहलूवालिया का उत्पीड़न करने और उन पर नजर रखने के लिए उनके आवास के बाहर कई कारों और बाइकों का जमावड़ा लगा रखा है। इसमें बैठे आइएसआइ के जासूस हर वक्त भारतीय राजनयिक पर नजर रख रहे हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा कि उसने भारत से तनाव बढ़ाने से बचने के लिए अपनी सीमित और संयमित प्रतिक्रिया व्यक्त की है। 

भारतीय सेना की जासूसी करते पकड़ा

कुछ ही दिन पहले नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को भारतीय सेना की जासूसी करते हुए पकड़ा गया था और उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। पाकिस्तान अपनी इस खुन्नस में किसी न किसी बहाने भारतीय उच्चायोग के अफसरों को परेशान कर रहा है। सूत्रों के अनुसार मार्च के महीने में भी पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने अपने अधिकारियों और स्टॉफ का लगातार उत्पीड़न करने पर इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय को कड़ा संदेश दिया था। इस नोट में भारत ने मार्च में हुई 13 घटनाओं का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान को ऐसी घटनाएं रोकने को कहा और मामले की जांच कराने को कहा है।

1961 का सीधा उल्लंघन

भारत ने पाकिस्तानी एजेंसियों से इन मामलों की तत्काल जांच कराने को कहते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आगे से नहीं होनी चाहिए। नोट में यह भी कहा गया कि उत्पीड़न की ऐसी घटनाएं साफ तौर पर राजनयिक संबंधों पर वियेना सम्मेलन, 1961 का सीधा उल्लंघन है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की जिम्मेदारी पाकिस्तानी सरकार की है। आठ मार्च को भारतीय उच्चायोग के फ‌र्स्ट सेक्रेट्री की कार का आक्रामक तरीके से पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पीछा किया था।  

आठ मार्च को भी किया पीछा 

बताया जाता है कि आठ मार्च को ही नौसैनिक सलाहकार का भी पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पीछा किया। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में दो भारतीय अफसरों को धमकी भरे गुमनाम फोन आते रहे हैं। बीते 9 मार्च को भी भारतीय उप उच्चायुक्त की गाड़ी का एक बाइक से पीछा किया गया था। अगले दिन फिर जब वह अपने घर से बाजार जा रहे थे तो बाइक सवार पाकिस्तानी खुफिया अफसर ने उनका आक्रामक तरीके से पीछा किया।

जासूसी में पकड़े गए पाकिस्‍तानी अधिकारी 

मालूम हो कि दिल्ली पुलिस ने 31 मई को पाकिस्तानी दूतावास के दो अधिकारियों को जासूसी करते वक्‍त रंगे हाथ पकड़ा था। इनको उस वक्‍त पकड़ा गया था जब ये एक व्यक्ति को पैसों का लालच देकर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश में थे। दोनों अधिकारी दूतावास में वीजा असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे। यही नहीं पाकिस्‍तानी खुफि‍या एजेंसी के लिए जासूसी करते पकड़े जाने पर इन अधिकारियों ने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की शर्मनाक कोशिश भी की थी। इनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए थे। इन दोनों को अगले ही दिन पाक लौटा दिया गया था।

दुनिया लड़ रही कोरोना से पाक कर रहा साजिशें 

मौजूदा वक्‍त में जहां दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है... वहीं पाकिस्‍तान भारत को अस्थिर करने की साजिशें रच रहा है। भारतीय इलाकों में आतंकियों की घुसपैठ कराने के मकसद से वह आए दिन सीमा पर संघर्ष विराम का उल्‍लंघन कर रहा है। बीते कुछ दिनों में सीमा पार करने की कोशिश में कई आतंकी मार गिराए गए हैं। पहले पाकिस्तानी सेना मोर्टार के गोले दाग रही थी लेकिन बीते रविवार को उसने पुंछ जिले के मेंढर और बालाकोट सेक्टर में टाउ मिसाइलें (गाइडेड) भी दागीं। यही नहीं भारतीय इलाकों के समीम पाकिस्तानी वायुसेना ने चीनी सेना के साथ अभ्यास भी कर रही है।

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