यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेरिका और पाकिस्तान के जनरलों के बीच फोन पर हुई बात, सुरक्षा हालात समेत ये मुद्दे रहे अहम
यूएस ज्वाइंट स्टाफ के प्रवक्ता कर्नल डेव बटलर ने बातचीत के बारे में कहा कि वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने पाकिस्तान ...और पढ़ें

वॉशिंगटन, एजेंसी। General Mark Milley and Syed Asim Munir Talks: काबुल में हुए आतंकवादी हमले के एक दिन बाद, यूएस ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले (General Mark Milley) ने गुरुवार को पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष जनरल सैयद असीम मुनीर (Syed Asim Munir) से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान और क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा माहौल पर चर्चा की। जनरल मिले ने जनरल मुनीर को पाकिस्तान के सेना प्रमुख के रूप में अपनी नई भूमिका संभालने पर बधाई दी।
बाढ़ को लेकर जनरल मिले ने व्यक्त की संवेदना
यूएस ज्वाइंट स्टाफ के प्रवक्ता कर्नल डेव बटलर ने बातचीत के बारे में कहा, "वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने पाकिस्तान और क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा माहौल सहित पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बाढ़ के बाद बने हालात वहां के लोगों को लेकर जनरल मिले अपनी संवेदना भी व्यक्त की। बाढ़ की वजह से पाकिस्तान में भीषण तबाही हुई थी।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में प्रस्ताव पेश
इस बीच, कांग्रेस सदस्य शीला जैक्सन ली ने पाकिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और इस गंभीर समय के दौरान अपनी भावनाओं को साझा करने, पुनर्निर्माण के प्रयास के दौरान पाकिस्तान को निरंतर समर्थन देने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया कि अमेरिकी समाज पाकिस्तान की त्रासदी को व्यक्तिगत रूप से महसूस करता है और सभी एकजुट हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि पाकिस्तानी नागरिक जो वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में रहते हैं बाइडेन प्रशासन को उन्हें अस्थायी संरक्षित दर्जा देने के लिए कार्य करना चाहिए।
लोगों के पास पीने का साफ पानी तक नहीं
जून 2022 में आई बाढ़ की वजह से देश का एक-तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया था, जिसका सीधा असर 3 करोड़ पाकिस्तानियों के जीवन पर पड़ा था। प्रस्ताव में कहा गया कि 1,700 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिनमें से एक तिहाई बच्चे हैं, 12,900 लोग घायल हुए हैं। 20,600,000 लोगों को वर्तमान में मानवीय सहायता की आवश्यकता है और 7,900,000 लोग विस्थापित हुए हैं। इसमें कहा गया है कि वर्तमान में 55 लाख से अधिक पाकिस्तानियों के पास पीने के लिए साफ पानी तक नहीं है। कई क्षेत्रों में जलजनित बीमारियां एक बड़ी चिंता बनी हुई हैं।
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