नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद-370 को हटाए जाने से बौखलाए इमरान खान ने पूरी दुनिया में घूमकर भारत के खिलाफ लामबंदी की कोशिशें की लेकिन उन्‍हें किसी भी देश से समर्थन नहीं मिला। उल्‍टे भारत को एटमी युद्ध की धमकियां देने को लेकर उनकी विश्‍व समुदाय में किरकिरी हो रही है। पाकिस्‍तान में सरकार के खिलाफ विपक्ष भी आक्रामक है। इससे पाकिस्‍तानी आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) और वजीर-ए-आजम इमरान खान की बेचैनियां बढ़ गई हैं। पाकिस्‍तानी जनता के बीच एक कड़ा संदेश जाए इसके लिए उन्‍होंने अपनी नाकामियों का ठीकरा मलीहा लोधी पर फोड़ दिया है। पाकिस्‍तानी सरकार ने मलीहा लोधी को हटाकर मुनीर अकरम को संयुक्त राष्ट्र में देश का स्थाई प्रतिनिधि नियुक्त किया है। मलीहा लोधी को हटाने की कोई वजह तो नहीं बताई गई है लेकिन उन्‍होंने यूएन के सदस्‍य देश की प्रतिनिधि के तौर पर अतिशय भारत विरोध में जो गलतियां की हैं, उन्‍हें भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।

विवादों की मलीहा लोधी, बोरिस जॉनसन को बताया था विदेश मंत्री

मलीहा लोधी (Maleeha Lodhi) की बात करें तो उनके साथ विवाद खुद-ब-खुद जुड़ते चले जाते हैं। अभी हाल ही में उन्‍होंने एक राजनय‍िक के तौर पर पाकिस्‍तान की जबरर्दस्‍त किरकिरी कराई थी। दरअसल, उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन की मुलाकात की तस्‍वीर ट्वीट की थी। इस फोटो के कैप्शन में मलीहा लोधी ने जॉनसन को ब्रिटेन का विदेश मंत्री बता दिया था। लेकिन जब तक उन्‍हें इस गलती का आभास हो पाता तब तक पाकिस्‍तान की भारी जग-हंसाई हो चुकी थी। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था।

भारत के विरोध में पेश की थी झूठी तस्वीर

भारत के विरोध की कड़ी में जैसे की कश्‍मीर का नाम आता है, पाकिस्तानी राजनयिक होश खो बैठते हैं। मलीहा लोधी ने संयुक्त राष्ट्र में इसी लीक पर चलते हुए एक बड़ी गलती कर दी थी। उन्‍होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र में दावा किया था कि भारत कश्मीरियों पर अत्याचार कर रहा था। यही नहीं उन्‍होंने सबूत के तौर पर एक झूठी तस्वीर पेश की थी। मलीहा लोधी ने गाजा की एक घायल फिलीस्तीनी लड़की की तस्वीर दिखा कर कहा था कि देखिये यह कश्मीर की एक पीड़ित लड़की है। उन्‍होंने यह भी दावा किया था कि इस लड़की की यह हालत पैलेट गन के छर्रों से हुई है।

सुषमा स्वराज ने खोली थी पोल

मलीहा लोधी (Maleeha Lodhi) ने तस्वीर वाले ट्वीट को री-ट्वीट भी किया था। पाकिस्‍तानी प्रतिनिधि के इस दावे की भारत ने पड़ताल की थी। इसके बाद भारत ने ऐसा तगड़ा पलटवार किया था कि पाकिस्‍तान की हवा निकल गई थी। उस समय भारत की प्रतिनिधि तेज तर्रार विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज थीं। उन्‍होंने कहा था कि पाकिस्तान ने झूठ फैलाने के लिए एक नकली तस्वीर दिखा कर संयुक्त राष्ट्र महासभा को गुमराह करने की कोशिश की है। फर्जी तस्वीर दिखाकर पाकिस्‍तान ने साफ कर दिया है कि भारत के प्रति उसके मंसूबे खतरनाक हैं। इसके बाद मलीहा लोधी की पोल खुल गई थी, जिससे उनकी जमकर आलोचना हुई थी।

लोधी को हटाने के पीछे यह मंशा

मलीहा लोधी फरवरी 2015 से ही संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि थीं। विशेषज्ञ प्रो. हर्ष वी. पंत का कहना है कि पाकिस्‍तानी हुक्‍मरान मानते हैं कि मलीहा लोधी विश्‍व समुदाय को अपने साथ लामबंद करने में बुरी तरह नाकाम रही हैं। चूंकि, पाकिस्‍तान में विपक्ष कश्‍मीर मसले को लेकर लगातार सवाल खड़ा कर रहा था इसलिए आवाम को भी एक संदेश देना था, यही कारण रहा कि इमरान खान को मलीहा लोधी को हटाने का फैसला लेना पड़ा है। प्रो. हर्ष वी. पंत ने बताया कि पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों के बीच भारत के खिलाफ दुष्‍प्रचार के मामले में मुनीर अकरम की छवि मलीहा लोधी से अच्‍छी है। पाकिस्‍तानी आर्मी और सरकार दोनों का ही मानना है कि ऐसे वक्‍त में जब कश्‍मीर मसले पर नरेंद्र मोदी सरकार ने बाजी मार ली है मुनीर अकरम अंतरराष्‍ट्रीय पटल पर भारत के खिलाफ लामबंदी में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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