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    Cipher Case: विशेष अदालत से पूर्व पीएम इमरान खान को मिली राहत, अगले सप्ताह तक के लिए मामले को किया गया स्थगित

    By AgencyEdited By: Babli Kumari
    Updated: Tue, 17 Oct 2023 12:46 PM (IST)

    Cipher Case पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने सिफर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के अभियोग को मंगलवार को अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्करनैन ने मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में सिफर मामले की बंद कमरे में सुनवाई शुरू की।

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

    पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने सिफर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के अभियोग को मंगलवार को अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया। विशेष अदालत के न्यायाधीश अबुल हसनत जुल्करनैन ने मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में सिफर मामले की बंद कमरे में सुनवाई शुरू की। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बैरिस्टर सलमान सफदर और खालिद यूसुफ चौधरी 71 वर्षीय खान के वकील के रूप में उपस्थित थे।

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    पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी की पत्नी और बेटी भी कोर्ट पहुंचीं। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि उन्हें सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी गई थी या नहीं।

    सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए वकील शेर अफ़ज़ल मारवत ने कहा कि खान और क़ुरैशी को अब अगली सुनवाई के दौरान दोषी ठहराया जाएगा।

    गुप्त राजनयिक दस्तावेज से संबंधित यह मामला

    यह मामला एक गुप्त राजनयिक दस्तावेज से संबंधित है। यह ऐसा दस्तावेज था जिसका उपयोग पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान ने पिछले साल अप्रैल में कथित तौर पर सत्ता से बाहर करने के लिए अपने विरोधियों की आलोचना करने के लिए किया था। कथित तौर पर दस्तावेज इमरान खान के पास से गायब हो गया। खान की पार्टी का आरोप है कि दस्तावेज में खान को पद से हटाने के लिए अमेरिका की ओर से धमकी दी गई थी।

    तोशाखाना मामले में मिली थी सजा

    इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास मत के माध्यम से सत्ता से बाहर कर दिया गया था। इस साल 5 अगस्त को इस्लामाबाद की एक अदालत द्वारा तोशाखाना मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल में डाल दिया गया था। पीटीआई प्रमुख को जेल की सजा काटने के लिए अटक जिला जेल में रखा गया था। बाद में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर दी थी, लेकिन फिर उन्हें सिफर मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।

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