विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय को निर्वासित नहीं करने पर पाकिस्तानी कोर्ट का गृह मंत्रालय को फटकार, अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कराने का दिया निर्देश

By Agency Edited By: Sonu Gupta
Published: Sat, 16 Mar 2024 06:24 PM (IST)

पाकिस्तान की अदालत ने 11 वर्ष पहले गिरफ्तार एक भारतीय नागरिक को निर्वासित नहीं करने पर गृह मंत्रालय को फटकार ...और पढ़ें

भारतीय को निर्वासित नहीं करने पर पाकिस्तानी कोर्ट का गृह मंत्रालय को फटकार
भारतीय को निर्वासित नहीं करने पर पाकिस्तानी कोर्ट का गृह मंत्रालय को फटकार

HighLights

  1. भारतीय नागरिक अब्दुल मुघनी को 2013 में पुलिस ने किया था गिरफ्तार
  2. अपनी सजा पूरी कर चुका है अब्दुल मुघनी

पीटीआई, कराची। पाकिस्तान की अदालत ने 11 वर्ष पहले गिरफ्तार एक भारतीय नागरिक को निर्वासित नहीं करने पर गृह मंत्रालय को फटकार लगाई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि संबंधित सचिव को यह बताने के लिए तलब किया जाएगा कि ऐसे मामलों में उनका विभाग किस तरह काम करता है।

2013 में किया गया था गिरफ्तार

भारतीय नागरिक अब्दुल मुघनी को 2013 में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके विरुद्ध विदेशी नागरिक अधिनियम के प्रविधानों के तहत मामला पंजीकृत किया गया था और 2017 में सत्र कोर्ट ने उसे छह वर्ष जेल की सजा सुनाई थी।

अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कराने का दिया निर्देश

सिंध हाई कोर्ट में जस्टिस मोहम्मद करीम खान आगा की एकल पीठ ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय को मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी रखने वाले एक अधिकारी को नियुक्त करने या अगली सुनवाई में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कराने का निर्देश दिया।

अपनी सजा पूरी कर चुका है भारतीय नागरिक

डान समाचारपत्र में शनिवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता एक भारतीय नागरिक है और वह अपनी सजा पूरी कर चुका है। दूसरी ओर गृह मंत्रालय उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि करने में असमर्थ था। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ेंः Lok Sabha Election 2024: 'NDA पूरी तरह तैयार', चुनाव की तारीखों के एलान के बाद बोले PM Modi