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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन के कंधे पर बैठ चांद पर पहुंचेगा पाकिस्तान, Chang'e-8 मिशन में देगा ड्रैगन का साथ

By Agency Edited By: Mahen Khanna
Published: Fri, 07 Feb 2025 04:16 PM (IST)

China-Pakistan moon mission पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी SUPARCO ने वर्ष 2028 में चीन के आगामी Change-8 चंद्र मिशन के लिए ...और पढ़ें

China-Pakistan moon mission मून मिशन में चीन का साथ देगा पाक। (फाइल फोटो)
China-Pakistan moon mission मून मिशन में चीन का साथ देगा पाक। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पाकिस्तान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नई खोजों के लिए चीन के मिशन में शामिल हुआ।
  2. पाक का स्वदेशी रोवर कथित तौर पर Chang'e-8 मिशन में शामिल होगा।

एजेंसी, इस्लामाबाद। China-Pakistan moon mission चांद पर भारत के इतिहास रचने के बाद अब पाकिस्तान भी नए ख्वाब देख रहा है। अब पाक चांद पर अपनी पहुंच के लिए फिर चीन का सहारा लेते दिख रहा है। चांद मिशन में इस्लामाबाद की पहली बड़ी भागीदारी में पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी SUPARCO ने 2028 में चीन के आगामी Chang'e-8 चंद्र मिशन के लिए हाथ मिलाया है। 

चीन के मून मिशन में पाक देगा साथ

अंतरिक्ष और ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग (SUPARCO) द्वारा निर्मित एक स्वदेशी रोवर कथित तौर पर Chang'e-8 मिशन में शामिल होगा, जो कि बड़े अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) परियोजना का हिस्सा है।

चीन का इस कारण साथ दे रहा पाक

पाकिस्तान ऑब्जर्वर की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के मून मिशन में पाक के सहयोग का उद्देश्य चंद्रमा पर वैज्ञानिक अनुसंधान में योगदान देना है, विशेष रूप से इसके दक्षिणी ध्रुव के अध्ययन में।

चांद के नमूनों का परीक्षण करेगा Chang'e-8 

NASA के अनुसार, Chang'e-8 को चंद्र विज्ञान आधार के निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकों का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मिशन पृथ्वी अवलोकन, चांद के नमूनों का विश्लेषण और चंद्रमा के वातावरण में स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए संसाधन उपयोग तकनीकों का परीक्षण करेगा।

पाकिस्तानी रोवर चीन की करेगा मदद

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, SUPARCO चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया 35 किलोग्राम का रोवर चीनी मिशन की मदद करेगा। ये एक ऐसा क्षेत्र है, जो अपने चुनौतीपूर्ण भूभाग और संभावित वैज्ञानिक खोजों के लिए जाना जाता है।

SUPARCO के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी रोवर चंद्र सतह अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो मून मिशन के लिए चीन का साथ देगा।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिशन ने इच्छुक देशों के लिए 200 किलोग्राम (440 पाउंड) की पेलोड क्षमता की पेशकश की है। मिशन के डिप्टी चीफ डिजाइनर वांग किओंग ने कहा कि ये पेलोड लैंडर पर लगे उपकरण या रोबोट, रोवर और फ्लाइट व्हीकल जैसी चीजें हो सकती हैं जो लैंडिंग के बाद स्वतंत्र रूप से काम कर सकती हैं।