यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कंगाल पाकिस्तान ने फिर IMF के सामने फैलाया हाथ, मांग रहा 1.3 अरब डॉलर की मदद; 9 मई को होगा फैसला
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद मांग रहा ...और पढ़ें

पीटीआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के लिए आगामी 9 मई की तारीख खास मानी जा रही है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीयय मुद्रा कोष का कार्यकारी बोर्ड 9 मई को पाकिस्तान के आर्थिक कार्यक्रमों के रिव्यू के लिए बैठक करेगा।
9 मई को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में जलवायु परिवर्तन ऋण कार्यक्रम के तहत 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की नई व्यवस्था के लिए पाकिस्तान के कर्मचारी-स्तरीय समझौते पर चर्चा की जाएगी।
वहीं, वर्तमान में चल रहे 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज का पहला रिव्यू भी इसी दौरान होना है। इसको लेकर पाकिस्तान तैयारियों में लग गया है।
पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने की थी अमेरिका की यात्रा
समाचार एजेंसी पीटीआई ने डॉन के हवाले से मंगलवार को बताया कि वैश्विक ऋणदाता ने घोषणा की है कि यह विस्तारित निधि सुविधा (EFF) के तहत विस्तारित व्यवस्था के तहत पहली समीक्षा होगी।
इससे पहले पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन की अपनी यात्रा के दौरान कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कार्यकारी बोर्ड मई की शुरुआत में इसे मंजूरी दे देगा।
IMF के साथ पाकिस्तान ने की 7 अरब डॉलर की डील
जुलाई 2024 में पाकिस्तान ने IMF के साथ 7 अरब डॉलर की डील की थी। इस डील को ध्यान में रखते हुए 37 महीनों में कुल छह समीक्षाएं होनी हैं। इसके तहत आगामी 9 मई को इसका रिव्यू होना है। माना जा रहा है कि अगर इस बैठक में इसको मंजूरी मिलती है तो पाकिस्तान को 1 अरब अमेरिकी डॉलर की किश्त भी दी जाएगी।
जैसे ही बोर्ड की अनुमति मिलती है उसके बाद इस कार्यक्रम के तहत 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की किश्त का वितरण शुरू हो जाएगा। बता दें आईएमएफ (IMF) कार्यक्रम ने पाकिस्तान की नाजुक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और बाजार का विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
