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    एफएटीएफ से बचने को पाकिस्तान ने किया हाफिज सईद को सजा का नाटक, विदेशी पत्रकार ने इस बात को कहा

    पिछले कई सालों से पाकिस्तान एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट में है। भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इस समय फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के प्रतिबंधों से किसी भी तरह छुटकारा चाहता है ।

    By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By: Updated: Mon, 11 Apr 2022 04:18 PM (IST)
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    मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड है हाफिज सईद

    इस्लामाबाद, एएनआइ। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद को पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत के 31 साल कैद की सजा देना दरअसल पाकिस्तान की एक चाल है। ग्लोबल मनी लांड्रिंग और आतंकवाद रोधी निगरानी संगठन एफएटीएफ के कड़े प्रतिबंधों से बचने के लिए यह नाटक रचा गया है। विदेशी पत्रकार सर्जियो रस्तेली ने टाइम्स आफ इजरायल में लिखे अपने लेख में इस बात को तार्किक आधार पर रखा है।

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    भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा है पाकिस्तान

    पिछले कई सालों से पाकिस्तान एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट में है। भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इस समय एफएटीएफ के प्रतिबंधों से किसी भी तरह छुटकारा चाहता है। इसीलिए उसके सामने अपनी छवि सुधारने के लिए वह आतंकियों को सजा सुनाने का नाटक कर रहा है। फिर बाद में बड़ी अदालतें उन्हें सभी मामलों में रिहा कर देंगीं। रस्तेली ने बताया कि पाकिस्तान अब काली सूची में डाले जाने से बचने के लिए आतंकियों पर कार्रवाई करने का नाटक कर रहा है।

    जिहाद के प्रचार-प्रसार को हाफिज सईद को है खुली छूट

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की अदालतों ने पहले भी कई बार हाफिज सईद और उसके कई आतंकी साथियों के खिलाफ सजा सुनाई है। लेकिन फिर पाकिस्तान की ही बड़ी अदालतें चंद दिनों से उसे आजाद कर देती हैं। हाफिज सईद एक कुख्यात आतंकी है जिस पर वैश्विक प्रतिबंध हैं और उसके खिलाफ कई तरह की जांच हो रही है। लेकिन वह लगातार पाकिस्तान में ही रह रहा है और वहां 'जिहाद' के प्रचार-प्रसार की उसे खुली छूट है। वह सबकी नजरों के सामने है। उसका कारपोरेट कारोबार है। उसके पाकिस्तान के सेना प्रमुख और कई राजनेताओं से करीबी रिश्ते भी हैं।