Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तालिबान सरकार को मान्यता देने को उतावला हुआ पाक, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मंत्री ने इमरान से लगाई गुहार

    पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पक्ष में खुलकर उतर आया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने कहा कि तालिबान सरकार को मान्यता देने को लेकर उसका पूरा समर्थन है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

    By Krishna Bihari SinghEdited By: Updated: Wed, 15 Sep 2021 07:37 PM (IST)
    Hero Image
    पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पक्ष में खुलकर उतर आया है।

    पेशावर, एएनआइ। पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के पक्ष में खुलकर उतर आया है। इस प्रांत की सरकार ने कहा कि तालिबान सरकार को मान्यता देने को लेकर उसका पूरा समर्थन है। पाकिस्‍तानी अखबार डान ने बुधवार को प्रांत के आवास मंत्री अमजद अली खान के हवाले से कहा, 'हमें (पाकिस्तान) तालिबान सरकार को मान्यता और पूरा समर्थन देना चाहिए।' उन्होंने देश की संघीय सरकार से तालिबान सरकार को मान्यता देने का आग्रह किया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अमजद अली खान ने यह दावा किया कि अफगान नागरिकों ने तालिबान का स्वागत किया है। खैबर पख्तूनख्वा के मंत्री ने विश्व समुदाय से अफगानिस्तान की मानवीय मदद बहाल करने की अपील की है। बता दें कि अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है। उसने दुनिया से इस संगठन की सरकार के साथ जुड़ाव स्थापित करने का आग्रह किया है। 

    उधर तालिबान के सरकार गठन की प्रक्रिया में इमरान सरकार की दखलंदाजी और आतंकी संगठनों से रिश्‍ते उजागर होने के बाद अमेरिका ने पाकिस्‍तान के खिलाफ सख्‍त रुख अपनाया है। अमेरिका ने पाकिस्‍तान के साथ रिश्‍तों की नए सिरे से समीक्षा करने का फैसला किया है। इससे अमेरिका और पाकिस्‍तान के बीच संबंध और खराब हो सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पाकिस्‍तान को आगाह किया कि वह तालिबान को मान्‍यता देने में जल्‍दबाजी नहीं दिखाए।

    वैसे तालिबान से पाकिस्‍तान का प्रेम जगजाहिर है। हाल ही में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को लेकर दुनिया भर में उठ रहे सवालों के बीच अपनी सरकार का बचाव किया था। उन्‍होंने कहा था कि अफगानिस्तान को लेकर दुनिया को नए और सकारात्मक नजरिये से सोचने की जरूरत है। क्षेत्र और दुनिया के लिए अफगानिस्तान को अलग-थलग करने के नतीजे गंभीर होंगे। कुरैशी ने अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाने के लिए भी दुनिया से मदद की अपील की।