पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में विदेशी आतंकियों की मौजूदगी पर जताई चिंता, डूरंड रेखा को लेकर दोनों देशों के बीच है तनाव
डूरंड रेखा को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान डूरंड रेखा पर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है लेकिन अफगानिस्तानी लोग उसका विरोध करते हैं और उसे अतिक्रमण बताते हुए फेंसिंग को उखाड़ फेंकते हैं।

काबुल, एएनआइ। काबुल में पाकिस्तान के दूत ने कहा कि अफगानिस्तान में विदेशी आतंकी संगठनों की मौजूदगी से वह चिंतित हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी मौजूदगी से पाकिस्तान और इस क्षेत्र को खतरा है।
डूरंड रेखा को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान डूरंड रेखा पर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है लेकिन अफगानिस्तानी लोग उसका विरोध करते हैं और उसे अतिक्रमण बताते हुए फेंसिंग को उखाड़ फेंकते हैं। तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार पाक-अफगान सीमा पर फेंसिंग के सख्त खिलाफ है।
डूरंड रेखा के आसपास आतंकी संगठनों का बढ़ता जा रहा है जमावड़ा
टोलो न्यूज को राजदूत मंसूर अहमद खान ने बताया कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन पाकिस्तान समेत अन्य देशों के लिए भी खतरा हैं। दाहेश व अलकायदा के लोग वहां हैं। टीटीपी व बलूच आतंकी भी वहां हैं। अहमद खान ने कहा कि डूरंड रेखा के आसपास आतंकी संगठनों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है, इसलिए भी सीमा पर फेंसिंग बहुत जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के विरोध के बावजूद पाकिस्तान डूरंड रेखा पर बाड़ लगाने का काम जारी रखेगा।
डूरंड लाइन पर की गई बाड़बंदी के कुछ हिस्सों को तालिबान ने किया क्षतिग्रस्त
अफगानिस्तान में पैठ बनाने की कोशिश में जुटे तालिबान और उसके हिमायती माने जाने वाले पाकिस्तान के रिश्तों में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया है। पिछले दिनों तालिबान ने पाकिस्तानी सेना द्वारा डूरंड लाइन पर की गई बाड़बंदी के कुछ हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
पाकिस्तान में पश्तूनों की आबादी करीब 25 फीसद
बता दें कि पाकिस्तान अपनी सीमा के पार पश्तूनों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत बाड़बंदी करना चाहता है। पश्तून अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा व अफगानिस्तान के बीच बिखरे हुए हैं। इनकी आबादी 42 प्रतिशत है। पाकिस्तान में पश्तूनों की आबादी करीब 25 फीसद है।
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