नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को डॉक्‍टरों ने इलाज के लिए विदेश जाने की सलाह देकर कहीं न कहीं उन्‍हें जीवनदान देने का काम किया है। नवाज ने भी इस सलाह को मानते हुए लंदन जाकर इलाज करवाने का फैसला लेने में ज्‍यादा देर नहीं लगाई। उनकी बीमारी और खराब हालत को लेकर बीते दिनों में कई सारी बातें मीडिया में सुनाई दी थीं। इनमें उन्‍हें जहर देने तक की बात कही गई थी। उनकी बेटी ने कई बार इस बात को भी सार्वजनिक तौर पर कहा कि उन्‍हें जान से मारने की साजिश रची जा रही है।

एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट से बाहर हो सकते हैं नवाज

कुछ दिन पहले ही उनकी प्‍लेटलेट्स खतरनाक स्‍तर तक गिरने की बात भी सामने आई थी। डाक्‍टरों की सलाह पर माना जा रहा है कि पाकिस्‍तान की सरकार उनका नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट (Exit Control List /ECL) से हटा सकती है। ऐसा होने पर नवाज इसी सप्‍ताह लंदन जा सकते हैं। इस सूची में उन्‍हीं लोगों का नाम शामिल किया जाता है जिन्‍हें सरकार विदेश जाने से रोक देती है। यदि सरकार इस सूची से नवाज का नाम हटा लेती है सरकार की मंशा पूरी तरह से साफ हो जाएगी। 

एसीयू में शिफ्ट नवाज, हालत गंभीर

गौरतलब है कि इससे पहले लंदन जाकर इलाज कराने की अपील को नवाज और उनका परिवार ठुकरा चुका था, लेकिन अब वह इस पर राजी हैं। हालां‍कि उनकी बेटी मरियम फिलहाल पाकिस्‍तान में ही रहेंगी। आपको यहां पर ये भी बता दें नवाज की प्‍‍‍‍लेटलेट्स काउंट 24 हजार आई हैं। वहीं उनका इलाज कर रहे डाक्‍टरों का कहना है कि 50 हजार से कम प्‍लेटलेट्स काउंट वाला व्‍यक्ति विदेश जाने के लिए फिट नहीं होता है। गौरतलब है कि नवाज को उनके जटी उमरा स्थित घर में बनाए गए आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। इसके लिए  पंजाब सरकार ने खास इजाजत दी है। डॉक्‍टरों ने उनकी हालत काफी खराब बताई है। सरकार के साथ गठजोड़ करने वाली पीएमएल-क्‍यू ने भी इमरान से नवाज को विदेश में इलाज कराने की अनुमति देने की अपील की है। 

इमरान की सोच से हुआ उलट

यदि नवाज की बीमारी और इमरान सरकार के बीच चल रही खींचतान पर गौर किया जाए तो कुछ चीजें उभर कर सामने आती हैं। दरअसल, नवाज शरीफ के जेल जाने के बाद भी उनकी पार्टी पीएमएल-एन (Pakistan Muslim League/PML-N) का हष्र वो नहीं हुआ है जो इमरान सोचते थे। बल्कि इसके उलट कहीं न कहीं नवाज की पार्टी कुछ मजबूत होती दिखाई दे रही है। इस बीच नवाज की बीमारी की खबरों और इससे जुड़े विवादों ने भी नवाज को मजबूती दी है।

नवाज पर सहानुभूति बन सकती है मुसीबत

हाल ही में फजलुर रहमान के विरोध प्रदर्शन (Maulana Fazalur Rehman Protest) में पीएमएल-एन के शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने इमरान पर जबरदस्‍त हमला बोला था। इस विरोध प्रदर्शन ने सरकार को परेशान कर दिया था। वहीं इमरान खान और सरकार भी नहीं चाहती है कि नवाज के नाम से वह परेशान होते रहें। इसके अलावा इमरान नहीं चाहते हैं कि नवाज के साथ कोई अनहोनी हो और वो निशाने पर आएं। ऐसे में नवाज के साथ गई सहानुभूति इमरान पर भारी पड़ सकती है। पाकिस्‍तान के आंतरिक मंत्री रिटायर्ड ब्रिगेडियर इजाज शाह ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि नवाज को विदेश भेजने रास्‍ते तलाशे जा सकते हैं।  

सरकार और सेना का गठजोड़

आपको यहां पर बता दें कि पूरी दुनिया इस बात को बखूबी जानती है कि पाकिस्‍तान में हमेशा से ही वहां की सेना सरकार को चलाती आई है। पाकिस्‍तान के राजनीतिक विश्‍लेषक, बुद्धिजीवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता (Human Right Activist) मानते हैं कि इमरान को सत्‍ता पर बिठाने के पीछे सेना ही है। यह लोग इस बात से भी इनकार नहीं करते हैं कि इमरान सेना के मुखौटे के तौर पर काम करते हैं। ऐसे में इमरान नवाज के नाम का रिस्‍क न लेकर उन्‍हें दूसरे दरवाजे से पाकिस्‍तान की राजनीति से बाहर कर देना चाहते हैं। ऐसा करके इमरान किसी भी तरह के सवाल उठने से बच जाएंगे और नवाज को भी जीवनदान मिल जाएगा। ऐसा भी हो सकता है कि इसको लेकर दोनों ही पक्षों में पर्दे के पीछे कोई समझौता भी हो गया हो। 

लंदन ही क्‍यों चुना? 

नवाज शरीफ के इलाज के लिए लंदन जाने का फैसला कुछ खास मायने रखता है। दरअसल, नवाज के दो बेटे लंदन में ही रहते हैं। इतना ही नहीं उन पर चल रहे कुछ मामलों में से एक मामला नवाज द्वारा लंदन में खरीदी गई प्रापर्टी का भी है। आपको यहां पर ये भी बता दें नवाज 2016 में नवाज ओपन हार्ट सर्जरी के लिए लंदन के अस्‍पताल में भर्ती हुए थे। इसके अलावा उनकी पत्‍नी कुलसुम नवाज ने भी अंतिम सांसें लंदन के ही अस्‍पताल में ली थीं। कुलसुम नवाज के काफी करीब थीं। इन सभी के अलावा नवाज के लिए लंदन चुनने की सबसे बड़ी वजह में पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान और वहां की सेना ही है।

सेना-सरकार का गठजोड़ 

नवाज दोनों के गठजोड़ से बखूबी वाकिफ हैं। ऐसे में नवाज की प्राथमिकता सबसे पहले अपने जीवन को बचाने की है, जो पाकिस्‍तान में रहते हुए संभव नहीं है। देश के बाहर जाने का ये मौका वो किसी भी सूरत से जाने नहीं देना चाहते हैं। माना जा रहा है कि एक बार यहां से सुरक्षित निकल जाने के बाद नवाज तभी वापस लौटेंगे जब देश का राजनीतिक माहौल उनके हक में होगा। इन सभी के लिए लंंदन सबसे बेहतर जगह है। इसके अलावा मरियम औरंगजेब नवाज का राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। यह भी इमरान के लिए राहत की बात है। 

यह भी पढ़ें:- 

जानें- आखिर ईरान के उठाए इस एक कदम से क्‍यों डरी है आधी दुनिया, हो रही अपील 

RCEP में भारत के इनकार से चिढ़ गया चीन, जानें- क्‍या कह रही है वहां की मीडिया  

Rafale deal verdict: जानें क्‍या है राफेल सौदा विवाद, सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा इस पर अहम फैसला

Posted By: Kamal Verma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप