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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pakistan: इमरान खान को जबरदस्त झटका, लाहौर हाई कोर्ट ने पार्टी का चुनाव चिह्न बहाल करने वाली याचिका खारिज की

By Jagran News Edited By: Abhinav Atrey
Published: Thu, 04 Jan 2024 04:05 PM (IST)

Pakistan Election पाकिस्तान में अगले महीने फरवरी की 8 तारीख को आम चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले जेल में ...और पढ़ें

22 दिसंबर को चुनाव आयोग ने दिया था इमरान खान को झटका (फाइल फोटो)
22 दिसंबर को चुनाव आयोग ने दिया था इमरान खान को झटका (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जज जवाद हसन ने सुनाया फैसला
  2. 22 दिसंबर को चुनाव आयोग ने दिया था झटका
  3. पेशावर हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले की सही माना

पीटीआई, लाहौर। पाकिस्तान में अगले महीने फरवरी की 8 तारीख को आम चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी को झटके पर झटके लग रहे हैं। इम रान खान को ताजा झटका लाहौर हाई कोर्ट ने दिया है। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को पेशावर हाई कोर्ट ने पीटीआई के खिलाफ फैसला सुनाया था।

लाहौर हाई कोर्ट ने गुरुवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के आंतरिक पार्टी चुनाव को असंवैधानिक और चुनाव चिह्न 'बैट' को रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

जज जवाद हसन ने सुनाया फैसला

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर हाई कोर्ट के जज जवाद हसन ने सुरक्षित फैसले में पीटीआई नेता उमर आफताब ढिल्लों की याचिका को अस्वीकार्य कर दिया।

22 दिसंबर को चुनाव आयोग ने दिया था झटका

गत 22 दिसंबर को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने पीटीआई के आंतरिक पार्टी चुनाव को खारिज कर पार्टी को चुनाव चिह्न बैट से वंचित कर दिया था। पार्टी के आंतरिक चुनाव में गौहर खान को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया था।

पेशावर हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले की सही माना

इससे पहले बुधवार को पेशावर हाई कोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के आंतरिक पार्टी चुनाव को असंवैधानिक और चुनाव चिह्न 'बैट' को रद्द करने के चुनाव आयोग के फैसले को सही करार दिया था।

पार्टी ने चुनाव आयोग के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी

पार्टी ने चुनाव आयोग के फैसले को पेशावर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने गत 26 दिसंबर को आयोग की घोषणा को निलंबित कर दिया था। इस पर चुनाव आयोग ने गत 30 दिसंबर को हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी।

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