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    Pakistan: चुनाव आयोग ने डाक मतपत्र जारी करना किया शुरू, आचार संहिता उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों से वसूला जुर्माना

    By Agency Edited By: Anurag Gupta
    Updated: Sat, 20 Jan 2024 11:48 PM (IST)

    पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने शनिवार से आम चुनाव के लिए डाक मतपत्र जारी करने का काम शुरू कर दिया। सभी पात्र 22 जनवरी तक डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मतदान की प्रक्रिया पूरी करेंगे। वहीं पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव चिह्न मामले से संबंधित आदेश में अपने विरुद्ध की गई टिप्पणी को हटाने की मांग की है।

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    चुनाव आयोग ने डाक मतपत्र जारी करना किया शुरू (फाइल फोटो)

    एएनआई, इस्लामाबाद। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने शनिवार से आम चुनाव के लिए डाक मतपत्र जारी करने का काम शुरू कर दिया। सभी पात्र 22 जनवरी तक डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मतदान की प्रक्रिया पूरी करेंगे। आयोग की निगरानी टीम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों से जुर्माने के रूप में कुल 85,000 पाकिस्तानी रुपये वसूले हैं।

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    आयोग ने की हाई कोर्ट से टिप्पणी हटाने की मांग

    पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव चिह्न मामले से संबंधित आदेश में अपने विरुद्ध की गई टिप्पणी को हटाने की मांग की है। आयोग की पांच सदस्यीय पीठ ने हाई कोर्ट के 17 जनवरी के आदेश की समीक्षा करने के बाद दीवानी अर्जी दाखिल कराने का निर्णय लिया।

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    बिलावल का पीएमएल-एन से गठबंधन से इनकार

    पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने चुनाव के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार किया है। जिओ न्यूज के साथ साक्षात्कार में गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर पीपीपी चेयरमैन ने कहा,

    एक बार मूर्ख बनाया, तुम्हारे ऊपर शर्म। दूसरी बार मुझे मूर्ख बनाया तो मेरे ऊपर शर्म।

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    गुलाम जम्मू-कश्मीर को लेकर चेतावनी

    मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा है कि गुलाम जम्मू-कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों की मांग पांच फरवरी तक पूरी नहीं की गई तो निर्वासित राजनेताओं के पास अपनी सरकार गठित करने के अलावा और कोई उपाय नहीं बचेगा। मिर्जा ने कहा कि बिजली बिल पर करों का बोझ कम करना और क्षेत्र में गेहूं के दाम घटाना पर्याप्त नहीं है। पाकिस्तान क्षेत्र से न केवल अपनी सेना हटाए, बल्कि गुलाम जम्मू-कश्मीर की असेंबली को पूर्ण संप्रभुता दे।