इस्‍लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने शीर्ष राजनयिक द्वारा दिखाए गए 'फर्जी फोटो' के सवाल को दरकिनार करते हुए कहा कि घटना को 'निर्विवाद तथ्य' से वंचित करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है कि भारतीय सुरक्षा बल कश्मीर में गोली बंदूकें इस्तेमाल कर रहे हैं।

बता दें कि यूएन में आतंकवाद के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के जबरदस्त हमला किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाब देने के लिए झूठ का सहारा लिया। पाकिस्तान की यूएन में स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने कश्मीर में कथित ज्यादतियों का दावा करते हुए एक तस्वीर दिखाई, जिसका भारत से दूर-दूर तक कोई लेनादेना नहीं है। यह फोटो हीदी लिवाइन नाम की फोटोजर्नलिस्ट की है। उनकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह फोटो गाजा शहर के शिफा अस्पताल में 22 जुलाई 2014 को ली गई थी। लेकिन लोधी ने इसे कश्‍मीरी लड़की का बताया था।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने प्रेस ब्रीफ्रिंग के दौरान यूएन में फर्जी फोटो के जवाब को दरकिनार करते हुए कहा कि इस घटना की वजह से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कश्‍मीर में लोगों पर सेना अत्‍याचार कर रही है। उन्होंने दावा किया, 'भारत इस बात को झुठला नहीं सकता कि सेना के हमले की वजह से लगभग 80 कश्मीरी पूरी तरह से अपनी देखने की शक्ति खो चुके हैं। वहीं 200 निर्दोष कश्मीरी लोगों की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है।'

उन्‍होंने कहा, 'भारत गोली बंदूकों का इस्‍तेमाल कर हजारों कश्मीरी लोगों को घायल करने की बात से इनकार नहीं कर सकता... यह एक निर्विवाद तथ्य है।'

नफीस जकारिया ने इसके साथ ही भारत पर अफगानिस्तान में माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि भारत, अफगानिस्‍तान में विकास के नाम पर अतंकवादियों को सहायता कर रहा है, पाकिस्‍तान में आतंक फैला रहे हैं।

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Posted By: Tilak Raj

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