26/11 के मास्टर माइंड हाफिज सईद को 32 साल की सजा, अदालत ने 3.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने शुक्रवार को मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (JuD) के प्रमुख हाफिज सईद को टेरर फंडिंग के दो मामलों में 32 साल की जेल की सजा सुनाई। यही नहीं अदालत ने उस पर 3.40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

लाहौर, पीटीआइ। पाकिस्तान की एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने शुक्रवार को 26/11 (मुंबई हमले) के मास्टर माइंड और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को आतंकी फंडिंग के दो और मामलों में 32 साल जेल की सजा सुनाई। इससे पहले ऐसे पांच मामलों में उसको पहले ही 36 साल कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। कुल 68 साल कैद की सजा एक साथ चलेगी। एक वकील ने बताया कि सईद को संभवत: ज्यादा वर्षो तक जेल में नहीं बिताना पड़ेगा, क्योंकि उसकी सजा साथ-साथ चलेगी।
3.40 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका
अदालत ने सईद पर 3.40 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवाद-रोधी अदालत (एटीसी) के न्यायाधीश एजाज अहमद भुट्टर ने सईद को 32 साल जेल की सजा सुनाई।
एफएटीएफ के एक्शन का खौफ
पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग द्वारा दर्ज दो प्राथमिकी 21/2019 और 90/2019 के आधार पर उसे यह सजा सुनाई गई है। बताते चलें कि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान पर लगातार इस बात के लिए दबाव डाला जा रहा है कि वह अपने यहां आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे। इसके अलावा भारत सरकार भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मुद्दा उठाती रहती है।
कोट लखपत जेल में कैद है आतंकी सरगना
हाफिज सईद को लाहौर की कोट लखपत जेल से अदालत में लाया गया, जहां वह 2019 से कड़ी सुरक्षा में कैद है। सईद को संयुक्त राष्ट्र आतंकी घोषित कर चुका है। अमेरिका का विदेश विभाग भी उसे वैश्विक आतंकी घोषित कर चुका है। उसको जुलाई 2019 में आतंकी फंडिंग के मामलों में गिरफ्तार किया गया था। उसका जमात-उद-दावा असल में लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, जो 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इसमें छह अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे।
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