इस्लामाबाद, प्रेट्र । पाकिस्तान ने कहा है कि उसका तीन पश्चिमी नदियों पर 'विशेषाधिकार' है। पाकिस्तान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भारत ने इन नदियों के बहाव में बदलाव करने की कोशिश की तो इसे 'उकसावे की कार्रवाई' माना जाएगा।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को साप्ताहिक न्यूज ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवाल के जवाब में यह कहा। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का पानी रोकने की बात कही थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी हफ्ते हरियाणा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी सरकार पाकिस्तान को मिलने वाला पानी रोकेगी। फैसल ने कहा कि सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान के पास तीन पश्चिमी नदियों पर 'विशेषाधिकार' है। नदियों का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, 'यदि भारत ने इन नदियों के बहाव को बदलने की कोशिश की तो इसे उकसावे की कार्रवाई माना जाएगा और पाकिस्तान इसका जवाब देगा।'

बता दें कि भारत द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान भड़का हुआ है और दोनों देशों के बीच तनाव है। पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठा चुका है। लेकिन भारत ने जोर देकर कहा है कि अनुच्छेद 370 हटाना उसका आंतरिक मामला है। भारत ने पाकिस्तान से भारत विरोधी रवैया त्यागने और वास्तविकता स्वीकार करने को कहा है। भारत ने कहा है कि आतंकवाद के रहते बातचीत नहीं हो सकती है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा में एक चुनावी रैली के दौरान कहा था कि हिंदुस्‍तान और हरियाणा के किसानों के हक का पानी 70 साल से पाकिस्‍तान जा रहा है। यह पानी अब आपका मोदी रोकेगा और आपके घर तक लाएगा। इस पानी पर हिंदुस्‍तान का हक है और इसे रोकने की दिशा में काम किया जा रहा है। जल्‍द ही पाकिस्‍तान जा रहा हमारे नदियों का पानी किसानों काे मिलेगा।

महीनों से जारी है विचार मंथन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही दादरी रैली में पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने का संकल्प व्यक्त किया है, परंतु इस कार्ययोजना पर कई माह पूर्व ही मंथन शुरू हो चुका था। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने राष्ट्रपति संदर्भ के बाद एसवाइएल की कानूनी लड़ाई का पहला पड़ाव जीतने के बावजूद सूखी धरती की प्यास बुझाने के लिए पानी के वैकल्पिक उपाय करने के संकेत दे दिए थे।

मुश्किल नहीं है पाक जा रहा पानी रोकना

पाकिस्तान जा रहे पानी को हरियाणा व राजस्थान के खेतों तक लाने के प्रधानमंत्री के एलान को कोई आलोचक भले ही आसमान से तारे तोड़कर लाने जैसा बता रहे हो, लेकिन इसका तकनीकी और कानूनी पक्ष यह है कि सिंधु नदी तंत्र से जुड़ी पंचनद कहलाने वाली पांच में से पंजाब से होकर पाकिस्तान की ओर जा रही तीन पूर्वी नदियों रावी, व्यास व सतलुज के समस्त प्रवाह को रोकने, मोड़ने और प्रयोग करने का पूर्ण अधिकार भारत को है। जल युद्ध के नायक रघु यादव की मानें तो इतना होने पर भी अगर यह पानी पाकिस्तान जा रहा है तो इसके पीछे कुप्रबंधन, नेतृत्व की दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी व बदनीयती के अलावा दूसरी कोई रुकावट नहीं है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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