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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बलूचिस्तान कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं होगा', कैसे BLF ने PAK सेना और ISI की उड़ाई नींद?

By Agency Edited By: Piyush Kumar
Published: Mon, 14 Jul 2025 03:58 AM (IST)Updated: Mon, 14 Jul 2025 04:02 AM (IST)

Operation Baam बलूचिस्तान की आजादी की मांग तेज हो रही है। बलूच नेशनल मूवमेंट ने ऑपरेशन बाम शुरू किया है ...और पढ़ें

Operation Baam: पाकिस्तान के खिलाफ बलूच नेशनल मूवमेंट 'ऑपरेशन बाम (सुबह)' शुरू करने का ऐलान किया।(फोटो सोर्स: एएनआई)
Operation Baam: पाकिस्तान के खिलाफ बलूच नेशनल मूवमेंट 'ऑपरेशन बाम (सुबह)' शुरू करने का ऐलान किया।(फोटो सोर्स: एएनआई)

एएनआई, नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की आजादी की मांग तेज होती जा रही है। कुछ दिनों पहले बलूच नेशनल मूवमेंट 'ऑपरेशन बाम (सुबह)' शुरू करने का ऐलान किया है। इस ऑपरेशन के तहत बलूच नेशनल मूवमेंट के लड़ाकों ने पाकिस्तान के पंजगुर, सुरब, केच और खारन सहित कई जिलों में करीब 17 हमले को अंजाम दिए।

इसी बीच बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के सूचना सचिव काजी दाद मोहम्मद रेहान ने रविवार को कहा कि बलूचिस्तान "कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं होगा।" रेहान ने यह बयान समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार के दौरान दिया। बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने इसे अपने सशस्त्र प्रतिरोध में एक रणनीतिक बदलाव बताया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में पाकिस्तान की सैन्य उपस्थिति को खत्म करना है।

हम पाकिस्तान का विरोध करने के लिए तैयार: रेहान

समाचार एजेंसी एएनआई को रेहान के हवाले से कहा गया, "ऑपरेशन बाम, जिसका अर्थ है 'सुबह', हमारे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि बलूच लोग अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने और संगठित, प्रभावी कार्रवाई के जरिए पाकिस्तानी उत्पीड़न का विरोध करने के लिए तैयार हैं।"

'बलूचिस्तान खुद शासन करने की ताकत रखता है'

उन्होंने कहा कि यह अभियान लड़ाई और राजनीति, दोनों के लिए महत्वपूर्ण था और इसने दिखाया कि बलूच लोग खुद शासन करने के लिए तैयार हैं। रेहान ने यह भी कहा, "यह साबित करता है कि अगर बलूचिस्तान को आजादी दी जाए तो उसमें खुद शासन करने की ताकत और एकता है। यह पाकिस्तान और उसके सहयोगियों द्वारा फैलाई जा रही उस धारणा को चुनौती देता है कि अगर बलूचिस्तान आजाद हुआ तो वहां अराजकता फैल जाएगी।"

रेहान ने आगे कहा कि हम पाकिस्तानी संसद का बहिष्कार करने वाली पहली पार्टी हैं। हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम पाकिस्तानी शासन के अधीन नहीं रहना चाहते। हमारी लड़ाई पूर्ण स्वतंत्रता के लिए है, न कि पाकिस्तान के भीतर सीमित स्वायत्तता या सांकेतिक अधिकारों के लिए।"

काजी दाद मोहम्मद रेहान ने दुनिया से क्या की अपील?

रेहान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की भी आलोचना की और कहा कि वे बलूच संसाधनों का दोहन करते हैं और बदले में कुछ नहीं देते। उन्होंने कहा, "हमारी ज़मीन पर अरबों डॉलर खर्च किए गए हैं, लेकिन बलूच लोग गरीब, उत्पीड़ित और अपने संसाधनों से वंचित हैं।" उन्होंने आगे कहा, "बलूचिस्तान बलूचों का है, पंजाब या पाकिस्तान के किसी और हिस्से का नहीं।"

इसके अलावा, रेहान ने वैश्विक समुदाय से अपील की, "दुनिया को यह समझना होगा कि बलूचिस्तान का संघर्ष न्यायसंगत और अपरिहार्य है। ऑपरेशन बाम आजादी के लिए हमारे नए प्रयास की शुरुआत मात्र है।"

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