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    Pakistan Politics: सेना प्रमुख जनरल मुनीर को हटाने के लिए रची गई थी नौ मई की हिंसा, पूर्व पाक पीएम शहबाज शरीफ का बड़ा दावा

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 9 मई को एक योजनाबद्ध साजिश के माध्यम से मौजूदा सेना प्रमुख को गिराने की कोशिश के लिए सिफर मामले में जेल में बंद 71वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष किया। कहा कि मई में प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले सहित अभूतपूर्व हिंसा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को पद से हटाने का एक प्रयास था।

    By AgencyEdited By: Babli KumariUpdated: Wed, 29 Nov 2023 04:10 PM (IST)
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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (फाइल फोटो)

    पीटीआई, लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कहा कि मई में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले सहित अभूतपूर्व हिंसा सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को पद से हटाने का एक प्रयास था।

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    पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज [पीएमएल-एन] पार्टी के अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के एक मामले में यहां जवाबदेही अदालत में पेश होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

    हमलों के सूत्रधार राज्य के दुश्मन

    शरीफ ने 9 मई को एक योजनाबद्ध साजिश के माध्यम से मौजूदा सेना प्रमुख को गिराने की कोशिश के लिए सिफर मामले में जेल में बंद 71 वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष किया। पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान पर तंज कसते हुए कहा कि अभूतपूर्व हमलों के सूत्रधार "राज्य के दुश्मन" हैं।

    72 वर्षीय शरीफ ने कहा, "9 मई को सेना प्रमुख को गिराने का प्रयास किया गया था। कोई भी...चाहे वह लोकतंत्र हो या तानाशाही, देशद्रोह को बर्दाश्त नहीं करता है। इसलिए, 9 मई के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शरीफ ने आगे कहा कि 9 मई के सूत्रधारों को कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वे "राज्य के दुश्मन" थे।

    सेना ने इस साजिश के तहत अधिकारियों के खिलाफ की कार्रवाई 

    इस साल मई की शुरुआत में कथित भ्रष्टाचार के मामले में खान की गिरफ्तारी के बाद हजारों पीटीआई समर्थकों ने देश भर में सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों पर धावा बोल दिया। इसके बाद, पुलिस ने 10,000 से अधिक पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया जो तब से जेल में बंद हैं। सेना ने जनरल मुनीर को पद से हटाने की साजिश का हिस्सा होने के लिए एक दर्जन से अधिक उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की।

    सेना ने पहले कहा था, "एक लेफ्टिनेंट-जनरल सहित तीन अधिकारियों को उनकी नौकरी से हटा दिया गया है। 9 मई की घटनाओं के संबंध में तीन प्रमुख जनरलों और सात ब्रिगेडियर सहित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी कर ली गई है।"

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