पाकिस्तान की जनता क्यों कह रही है कि इमरान खान से तो अच्छी थी लूटमार वाली सरकार
गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रही इमरान खान सरकार को कश्मीर के मुद्दे पर भी मुंह की खानी पड़ रही है।
नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। पाकिस्तान की जनता महंगाई से कराह रही है। दुकानदार से लेकर व्यापारी और उद्योगपति तक भी परेशान हैं। अब तो जनता भी कहने लगी है कि PM Imran khan प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार से अच्छी तो लूटमार करनेे वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) की सरकार थी। नया पाकिस्तान बनाने के नाम पर इमरान खान ने देश को कंगाली के समुंदर में डूबो दिया है। यह कहना है पाकिस्तान के मुस्लिम लीग (एन) के वरिष्ठ नेता अहसन इकबाल का।
विकास के दुश्मन इमरान
जियो टीवी के कैपिटल टॉक कार्यक्रम में सोमवार को शिरकत करते हुए इकबाल ने कहा कि इमरान खान अपनी पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के जरिए देश का पैसा लूट कर विदेश भेजने का आरोप लगाते हैं, लेकिन जनता तो कह रही है कि इससे पहले की सरकार अच्छी थी क्योंकि उसके दौर में जनता पर महंगाई का बम नहीं फोड़ा गया था। कारोबार भी चल रहे थे। उद्योग-धंधे भी पनप रहे थे और विकास के काम भी हो रहे थे। बकौल इकबाल, इमरान खान और उनके मंत्री पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) सरकार पर भारी-भरकम कर्ज लेने का भी आरोप लगाते रहते हैं लेकिन यह सारा कर्ज विकास कार्यों के लिए लिया गया था। मौजूदा सरकार ने तो विकास का बजट भी आधा कर दिया है।
कश्मीर पर भी इमरान को घेरा
इमरान खान पर कश्मीर को लेकर भी करारा हमला किया। कार्यक्रम के एंकर हामिद मीर के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान पूरी तरह से अलग-थलग पड़ चुका है। हालत यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश में जमे हुए हैं जबकि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी विदेश के दौरे कर रहे हैं। फ्रांस में जी-७ की बैठक में शामिल होने के बाद वह रूस की यात्रा पर जा रहे हैं। दूसरी तरफ इमरान खान सिर्फ जुबानी जमाखर्च कर रहे हैं।
सरकार पूरी तरह से फेल
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के नेता अहसन इकबाल ने कहा कि पिछले लगभग एक महीने से कश्मीर का मुद्दा गरम है और इस पर पूरा पाकिस्तान एक है, लेकिन इमरान खान इस्लामाबाद छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। न तो वे खुद कहीं जा रहे हैं और न ही अपने किसी मंत्री को बड़े और ताकतवर देशों में इस मुद्दे पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए भेजा है। इमरान खान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी रोज रटे-रटाए बयान दे रहे हैं। इकबाल के अलावा इस टॉक शो में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता मौला बख्स चांडियो और सत्ताधारी तहरीक-ए-इंसाफ की ओर से केंद्रीय मंत्री शफकत महमूद ने शिरकत की।
कश्मीर पर क्यों चीख रहे हैं इमरान
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाए जाने के बाद से जैसे इमरान खान को ऑक्सीजन मिल गई है। गहराते आर्थिक संकट के बीच घरेलू मोर्चे पर विपक्षी दलों से तगड़ी राजनीतिक लड़ाई का सामना कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कश्मीर के बहाने अपनी डूबती नैया को पार लगाने की फिराक में हैं। लेकिन विपक्ष उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। कभी एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे मुस्लिम लीग (एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने हाथ मिला लिया है। उन्हें जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआइ) के मौलाना फजलुर्रहमान का भी साथ मिल गया है।
पीएम के खिलाफ विपक्ष का मोर्चा
इन तीन दलों के अलावा दीगर विपक्षी पार्टियों ने मिलकर एक मोर्चा भी बना लिया है। मौलाना ने तो इमरान खान की सरकार को हटाने के लिए अक्टूबर में इस्लामाबाद मार्च का भी ऐलान कर दिया है। बता देंं कि इस समय पीपीपी के वरिष्ठ नेेेता और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व पीएम नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और पंजाब के पूर्व सीएम शाहबाज शरीफ के बेटे हमजा शरीफ भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों जेल में कैद हैं। इसके अलावा पूर्व मुस्लिम लीग (एन) के वरिष्ठ नेता और पूर्व पीएम शाहीद खकान अब्बासी और पूर्व मंत्री राणा सनाउल्ला भी जेल में बंद हैं।
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