पेशावर, प्रेट्र। पाकिस्तान में मंदिर तोड़ने का मामला पिछले दिनों सुर्खियों में आने के बाद यहां मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खैबर पख्तनूख्वा प्रांत के एबटाबाद स्थित एक मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कट्टरपंथी कोशिश कर रहे थे। मंदिर तोड़े जाने की आशंका अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने की थी। शिकायत के बाद मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस मंदिर की जमीन पर माफियाओं की भी नजर थी। अधिकारियों के अनुसार अब इस जमीन की लीज न तो परिवर्तित होगी और न ही इस बेचा जा सकेगा। भविष्य में इसका कामर्शियल उपयोग करने पर भी रोक लगा दी गई है।

दिसंबर महीने में खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के टेरी गांव में बने एक मंदिर पर कट्टरपंथी उपद्रवियों के साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया था। इन लोगों ने मंदिर को हानि पहुंचाने के साथ ही परिसर में बनी संत की समाधि का भी अपमान किया था। मंदिर को विस्तार देने की योजना पर कार्य चल रहा था, तब इलाके के कट्टरपंथी मुस्लिम भड़क गए और उन्होंने एकत्रित होकर मंदिर पर हमला कर दिया।

टेरी गांव में तो ज्यादा संख्या में हिंदू नहीं रहते हैं लेकिन आसपास के इलाकों में रहने वाले हिंदू बड़ी संख्या में इस प्राचीन मंदिर में दर्शन को आते थे। साल 1997 में भी इस मंदिर पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला किया गया था और उसे नुकसान पहुंचाया था, लेकिन बाद में इसका पुनर्निर्माण कराया गया था। उसके बाद एक और मंदिर पर हमले का प्रयास किया गया था।

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