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    Pakistan Politics: लंदन में बनीं पाकिस्तान के लिए भावी रणनीति, केंद्र में रही इमरान खान की पार्टी पीटीआई

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Mon, 19 Sep 2022 10:48 AM (IST)

    ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ के अंतिम संस्‍कार में लंदन पहुंचे पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ ने अपने बड़े भाई नवाज से मुलाकात की है। इस दौरान हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई है जिसके केंद्र में इमरान खान थे।

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    नवाज और शहबाज के बीच हुई मीटिंग में चर्चा का केंद्र रहे इमरान

    लंदन (एजेंसी)। पाकिस्तान की भावी राजनीति कैसी होगी इसको लेकर लंदन में एक हाईप्रोफाइल बैठक हुई है। ये बैठक पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ के बीच हुई है। बता दें कि पीएम शहबाज शरीफ ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के अंतिम संस्कार के लिए लंदन गए हुए हैं। यहां पर उन्होंने नवाज से पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा की है। इस चर्चा के केंद्र में इमरान खान की पार्टी पीटीआई रही।

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    हमजा को दोबारा पंजाब की कमान सौंपने पर रणनीति 

    पाकिस्तान की मीडिया में ये बात भी सामने आई है कि दोनों नेताओं पंजाब में बनी गठबंधन सरकार को कैसे हटाकर वापस अपनी सरकार बनाई जाए और इसकी कमान दोबारा हमजा के हाथों में दी जाए। इस दौरान हुई बातचीत में देश में आम चुनावों को कराए जाने को लेकर भी काफी देर तक गहन चर्चा हुई है। पाकिस्‍तान की मीडिया के मुताबिक नवाज शरीफ ने शहबाज शरीफ को तय समय चुनाव कराने की सलाह दी है।

    आर्मी चीफ के नाम पर न करें राजनीति

    दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक के बाद इसकी जानकारी देते हुए देश के रक्षा मंत्री ख्‍वाजा आसिफ ने बताया कि इसमें नए आर्मी चीफ को लेकर भी बात हुई। आसिफ ने कहा कि इस मसले पर पीटीआई जिस तरह से राजनीति कर रही है उसको वो नहीं करनी चाहिए। तीन घंटों तक चली इस बैठक में कई और मसलों पर भी चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक में मरियम औरंगजेब शामिल नहीं थीं।

    पीएम बनने के बाद दूसरी बार लंदन गए शहबाज 

    बता दें कि शहबाज के पीएम बनने के बाद वो दूसरी बार लंदन गए हैं। उनके साथ उनका बेटा सुलेमान, ख्‍वाजा आसिफ, इशाक डार भी लंदन गए हैं। नए आर्मी चीफ के नाम के बाबत पूछे गए एक सवाल के जवाब में आसिफ ने कहा कि ये डिबेट का विषय नहीं है। इस तरह से सेना का मान गिरता है। उन्‍होंने ये भी कहा कि आर्मी चीफ की पहली नैतिकता अपने देश के लिए ही होती है फिर अपनी संस्‍था के लिए होती है। आर्मी चीफ का राजनीति से कोई लेना देना नहीं होता है। इसलिए उसकी पोजिशन और पर्सनेलिटी को विवादों में नहीं लाना चाहिए।

    जल्‍द तय होगा नया आर्मी चीफ 

    आसिफ ने ये जवाब इमरान खान के उस बयान के बाबत दिया था जिसमें उन्‍होंने कहा था कि सरकार अपनी पंसद का आर्मी चीफ बनाना चाहती है जो उनके भ्रष्‍टाचार पर पर्दा डाल कर रखने में उनकी मदद करे। आसिफ ने कहा कि नए आर्मी चीफ की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है , जल्‍द ही इसको तय कर लिया जाएगा।  

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