Fact छिपाना-Fake फैलाना... मौकापरस्त पाकिस्तान के झूठे मीडिया का बस यही एक 'सच'
पाकिस्तान के साथ सीमा पर बढ़े तनाव के बीच पड़ोसी मुल्क की मौकापरस्ती बदस्तूर जारी है। वहां मुख्य धारा के मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक फर्जी दावों की भरमार है। फर्जी वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ के माध्यम से झूठे दावे किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं इनके माध्यम से भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाकर दुनिया के दूसरे मुल्कों से सहानुभूति पाने की नापाक कोशिश हो रही है।

योगेश साहू, नई दिल्ली। भारत की ओर से सीमा पर पाकिस्तान के हमलों के खिलाफ माकूल जवाबी कार्रवाई की गई है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि पड़ोसी मुल्क के मीडिया और सोशल मीडिया में किस तरह के झूठे दावे किए जा रहे हैं।
सबसे पहले बात पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन की
आइए इन फर्जी दावों को जानने के क्रम में सबसे पहले बात पाकिस्तान के मशहूर समाचार पत्र डॉन की करते हैं। डॉन ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित संपादकीय में लिखा है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जो आरोप लगाए हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।
सात मई को ड्रोन हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। यह भी लिखा गया है कि पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में भारत के करीब 25 ड्रोन को मार गिराया है।
दावा यह भी किया गया है कि बीते गुरुवार से ही पाकिस्तान में एयरपोर्ट, बाजार और स्कूल बंद करा दिए गए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया के ये सभी दावे फर्जी हैं।
इसके अलावा डॉन ने अपनी एक खबर में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के हवाले से फर्जी दावा किया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने भारत के पठानकोट, जैसलमेर और श्रीनगर में कोई हमला नहीं किया है।
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत की ओर से पाकिस्तान को आतंकवादियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के लिए कहा गया था।
ऐसा नहीं होने की स्थिति में बीती 7 मई को भारत ने एयर स्ट्राइक के माध्यम से एलओसी के पार मोजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। परंतु, पाकिस्तान की आम जनता या रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया था।
भारत सरकार और सेना की ओर से भी इस बात को स्पष्ट किए जाने के बावजूद पाकिस्तान की ओर से उकसावे की कार्रवाई की गई। इसके तहत सीमा पर भारी गोलीबारी कर शहरी इलाकों को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया हाउस डॉन ने अपने संपादकीय में युद्ध नहीं करने की सलाह देते हुए परमाणु हमले की गीदड़भभकी भी दी है।
अखबार के संपादकीय में कहा गया है कि युद्ध होने और अन्य सभी रास्ते बंद होते हैं तो पाकिस्तान परमाणु हथियार के विकल्प पर भी विचार कर सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मीडिया ने इन हमलों की फर्जी रिपोर्टिंग की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारत ने बार-बार आरोप लगाए हैं, यह क्षेत्र शांति के लिए सही नहीं है।
जियो टीवी के फर्जी दावे भी देखिए
पाकिस्तान में मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों में शुमार जियो टीवी ने भी अपनी रिपोर्ट में फर्जी दावा किया है। खास बात यह है कि अपने दावे को पुख्ता बताने के लिए पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्री के नाम की चादर ओढ़ाई गई है।
मंत्री अताउल्लाह तरार के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की एयरफोर्स पूरी तरह से अलर्ट और हर हालात से निपटने के लिए तैयार है। मंत्री ने अपने बयान में F-16 और JF-17 एयरक्राफ्ट मार गिराए जाने के दावे को नकारा है।
मंत्री तरार ने झूठा दावा किया है कि उनकी सेना ने एलओसी के पार कोई उकसाने वाली कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, सच्चाई इससे उलट है।
समा टीवी ने भी मंत्री के हवाले से किया दावा
समा टीवी ने भी पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोरा हवाले से अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है।
इसमें कहा गया है कि अरोरा की ओर भारत के पंजाब के रहवासियों को संदेश दिया गया है कि वह भरोसा करें कि पाकिस्तान कभी उन पर हमला नहीं करेगा।
दरअसल, समा टीवी के एंकर नदीम मलिक ने लाहौर के लिबर्टी चौकर पर मिनिस्टर अरोरा का एक इंटरव्यू लिया है।
इसमें अरोरा ने भारतीय मीडिया के उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों को निशाना बनाया है।
अरोरा ने कहा है कि हम भारत में पंजाब पर हमला करने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। वहां हमारे सिख भाई रहते हैं।
पाकिस्तान टुडे की झूठी रिपोर्ट
पाकिस्तान टुडे ने भी अपनी एक रिपोर्ट डीजी आईएसपीआर के हवाले से प्रकाशित की है। इसमें उलटा भारत पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया है कि इसके पुख्ता सबूत भी उसके पास हैं।
पाकिस्तान टुडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पहलगाम आतंकी हमले और इसके सबूतों को नकार दिया है। चौधरी ने प्रेस वार्ता में भारत के आरोपों को आधारहीन बताया है।
बता दें कि इससे पहले भी पाकिस्तान की सरकार भी अपनी धरती पर आतंकी कैंप होने की बात को नकारती रही है। यहां तक कि पुख्ता सबूत होने के बाद भी मुंबई हमले, उरी और पठानकोट में हुए आतंकी वारदातों को भी पाकिस्तान नकारता रहा है।
इधर, पाकिस्तान के द फ्रिंटियर पोस्ट ने भी डार के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान ने भारतीय सेना के किसी भी प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया है। एआरवाय न्यूज ने भी कुछ इसी तरह की रिपोर्ट प्रकाशित की है।
सोशल मीडिया पर भी झूठे दावे
सोशल मीडिया पर भी प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। फर्जी वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इन फर्जी वीडियो में भारत पर हमले का दावा किया जा रहा है।
झूठा दावा कर वीडियो में दिखीं आग की लपटें
ऐसा ही एक वीडियो @Shamii_awan1 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो में आग की लपटें उठती हुई दिखाई देती हैं।
पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत के अमृतसर मिलिट्री के बेस पर पाकिस्तान ने स्ट्राइक है और इसमें कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की बात कही गई है। हालांकि, यह दावा पूरी तरह से फर्जी है।
रूस-यूक्रेन युद्ध की तस्वीर की जा रही वायरल
पाकिस्तान से ही एक्स पर चलाए जा रहे एक हैंडल से तस्वीर पोस्ट की गई है। इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सेना ने एक मानवरहित विमान (UAV) यानि ड्रोन को पंजाब प्रांत में गुजरात जिले के गुजरांवाला में मार गिराया है।
हालांकि, यह झूठा दावा है। कारण कि जो तस्वीर इस पोस्ट में दी गई है, वह साल 2022 की रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के दौरान की है।
प्लेन क्रैश का फर्जी वीडियो
पाकिस्तान के कई हैंडल से एक प्लेन के क्रैश होने का वीडियो भी शेयर किया गया है। इस पुराने वीडियो को काफी तेजी से वायरल किया गया है। वायरल हो रही पोस्ट और वीडियो में भारतीय एयरक्राफ्ट को मार गिराने का फर्जी दावा किया गया है।
हकीकत यह है कि ये भारतीय एयरक्राफ्ट साल 2019 में क्रैश हुआ था। यह वायुसेना का एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर था, जो कि जम्मू-कश्मीर के बडगाम में अपनी रूटीन उड़ान के दौरान क्रैश कर गया था।
इंडोनेशिया का वीडियो किया वायरल
इसी तरह पाकिस्तान के भारतीय मिलिट्री बेस पर अटैक करने के दावे के साथ एक पुराने वीडियो को शेयर किया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो ऑपरेशन सिंदूर से पहले इंडोनेशिया में बीती 6 मई को हुई घटना का है।
पाकिस्तान से संचालित एक्स हैंडल एक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं जिसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के बटाल सेक्टर में चौकियों पर हमला किया, जिसमें कम से कम 12 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। हालांकि, यह साल 2011 का है। पिछली बार साल 2016 में भी इसे वायरल किया गया था।
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