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    चीन के BRI का केंद्र होने के बावजूद ग्वादर के लोगों को नहीं मिल रहा कोई लाभ, पानी तक के लिए तरस रहे: रिपोर्ट

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Mon, 16 Jan 2023 04:51 PM (IST)

    चीन के बीआरआइ का केंद्र होने के बावजूद ग्वादर में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालात यह हैं कि यहां के लोग पीने के लिए साफ पानी तक के लिए तरस रहे हैं।

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    चीन के लिए महत्वपूर्ण BRI का केंद्र है ग्वादर, फिर भी पीने के पानी तक के लिए तरस रहे लोग

    इस्लामाबाद, एएनआई। पाकिस्तान का बंदरगाह शहर ग्वादर, जिसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के केंद्र के रूप में जाना जाता है, को चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, बलूचिस्तान की स्थानीय आबादी को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

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    पानी के लिए तरस रहे ग्वादर के लोग

    अल अरबिया पोस्ट के लिए नादिया अब्देल लिखती हैं, ''ग्वादर के लोग पीने के साफ पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहते हैं। आर्थिक विकास का केंद्र होने के बावजूद ग्वादर के लोगों का भाग्य नहीं बदला।''  ग्वादर में स्थानीय विकास परियोजनाओं का हिस्सा नहीं होने से स्थानीय लोग निराश हैं, जो ज्यादातर चीनी या पाकिस्तान के अन्य प्रांतों के अधिकारियों द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं।

    यह भी पढ़ें: China BRI Project: क्‍या चीन के बीआरआई प्रोजेक्‍ट पर लग सकता है ग्रहण? चीनी परियोजना का क्‍या है भारत लिंक- एक्‍सपर्ट व्‍यू

    ग्वादर में हक दो तहरीक ने किए कई विरोध प्रदर्शन

    हक दो तहरीक (Haq Do Tehreek) द्वारा ग्वादर में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उन्होंने बलूचिस्तान के पानी में अवैध ट्रॉलरों पर प्रतिबंध लगाने, सुरक्षा चौकियों में कमी, साथ ही पड़ोसी ईरान के साथ व्यापार के उदारीकरण जैसी विभिन्न मांगों को रखा। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व बलूच नेता मौलाना हिदायत रहमान ने किया, जो जनता के बीच प्रतिरोध का एक लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं।

    प्रदर्शनकारियों ने चीनियों से हवाई अड्डा छोड़ने को कहा 

    प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में मुख्य हवाई अड्डे की सड़क और बंदरगाह की ओर जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। उन्होंने चीनियों को हवाई अड्डा छोड़ने के लिए भी कहा। अल अरबिया पोस्ट के अनुसार, स्थानीय आबादी की ओर से विरोध करने के लिए अगस्त 2021 में ग्वादर राइट्स मूवमेंट की स्थापना की गई थी।

    हक दो तहरीक के प्रमुख को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    पाकिस्तान के डॉन अखबार ने बताया कि हक दो तहरीक (HDT) प्रमुख रहमान को 13 जनवरी को ग्वादर में लगभग दो सप्ताह तक पुलिस को चकमा देने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अखबार के मुताबिक, ग्वादर पुलिस को एक पुलिसकर्मी की हत्या समेत कई मामलों में रहमान की तलाश थी। रहमान को अदालत से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह दो अन्य कार्यकर्ताओं नसीबुल्लाह नुशेरवानी और हसन मुराद के साथ आत्मसमर्पण करने पहुंचा था।

    रहमान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

    ग्वादर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नजीबुल्लाह पंडरानी ने कहा कि रहमान और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता और आतंकवाद विरोधी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वकीलों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि एचडीटी प्रमुख को आत्मसमर्पण करने के लिए अदालत में पेश होने से पहले गिरफ्तार किया गया था।

    रहमान की गिरफ्तारी कानून के खिलाफ

    डॉन अखबार ने खबर दी है कि ग्वादर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मेराज अली ने कहा कि अदालत में पेशी से पहले रहमान की गिरफ्तारी कानून के खिलाफ है। अली के अनुसार, एचडीटी प्रमुख आत्मसमर्पण करने और अंतरिम जमानत के लिए आवेदन करने पहुंचे और गिरफ्तारी उन्हें जमानत मांगने के अधिकार से वंचित करने के समान थी। बिजनेस रिकॉर्डर अखबार ने बताया कि ग्वादर आंदोलन के नेता मौलाना हिदायतुर रहमान की गिरफ्तारी के विरोध में पाकिस्तानी वकीलों ने शनिवार को बलूचिस्तान प्रांत में अदालतों का बहिष्कार किया।

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