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    Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा- जेल जाने से नहीं डरते, देश में कराएंगे जबरन चुनाव

    By Sonu GuptaEdited By:
    Updated: Sun, 11 Sep 2022 08:40 PM (IST)

    पाकिस्तान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह जेल जाने से नहीं डरते हैं और अगर सरकार देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल रही तो वह देश में जबरन चुनाव कराएंगे।

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    पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा कि वह जेल जाने से नहीं डरते हैं। (फोटो-एपी)

    इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह जेल जाने से नहीं डरते हैं और अगर सरकार देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में विफल रही तो वह देश में जबरन चुनाव कराएंगे। पाकिस्तान का स्थानीय मीडिया आउटलेट द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया कि पूर्व पीएम अपनी पार्टी के इंसाफ स्टूडेंट फेडरेशन एंड यूथ को शनिवार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की अपनी मांग दोहराई।

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    विरोध प्रदर्शन करने के लिए लोग तैयार

    इमरान खान ने जिन्ना स्टेडियम में संबोधित करते हुए कहा, 'अगर वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं कराते हैं तो लोग शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं या फिर हम जबरन चुनाव कराएंगे।' उन्होंने आगे कहा कि हम देख सकते हैं कि वे चुनाव से भाग रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उनका प्रदर्शन पहले से कहीं ज्यादा खराब होगा उन्होंने आगे कहा कि मैं जिस जीच के लिए इस देश को तैयार कर रहा हूं उसके लिए मुझे इस देश के युवाओं की बहुत जरूरत होगी। देश की असली आजादी के लिए मैं अपने प्राणों की आहुति देने को तैयार हूं। देश को सच्ची आजादी मिले तो जेल छोटी सी बात है।

    स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव ही समस्याओं का हल

    पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार माइनस-वन फॉर्मूले (Minus One Formula) का प्रयोग कर उनको चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आयातित सरकार (Imported Government) चुनाव में उनका मुकाबला नहीं कर सकती है। यही कारण है कि सरकार उन्हें तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित कर देना चाहती है। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ आतंकवाद सहित कई मामले दर्ज किए गए हैं। अयोग्य ठहराना ही समाधान नहीं है। देश में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव से ही समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।