Pakistan Train Hijack: क्वेटा में ट्रेन हाईजैक के 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; भेजे गए 200 से अधिक ताबूत
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बीएलए ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया जिसमें 400 से अधिक यात्री सवार थे। यात्रियों को बंधक बना लिया गया और कुछ के पास आत्मघाती हमलावर भी बैठे थे। सुरक्षा बलों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है 155 बंधकों को सुरक्षित निकाला गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है जबकि सरकार ने मामले पर चुप्पी साध रखी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मंगलवार को क्वेटा से पेशावर जा रही एक ट्रेन जाफर एक्सप्रेस को बोलन दर्रे पर रोक दिया और यात्रियों को बंधक बना लिया। इस बीच खबर है कि क्वेटा रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में ताबूत भेजे जा रहे हैं।
बीएलए एक दशक से अधिक समय से बलूचिस्तान में सक्रिय है, लेकिन कुछ अरसों में, आतंकवादी संगठन और इसके सहयोगी मजीद ब्रिगेड ने विस्तार और हमलों में तेजी देखी गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स को सुरक्षा सूत्रों ने बुधवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में आतंकवादियों की ओर से ट्रेन को हाईजैक करने के बाद बंधक बनाए गए यात्रियों में से कुछ के बगल में आत्मघाती हमलावर बैठे थे, जिससे रेस्क्यू जटिल हो गया।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को करीब 50 अलगाववादी विद्रोहियों ने रेलवे ट्रैक उड़ा दिया और जाफर एक्सप्रेस पर रॉकेट दागे, जिसमें 400 से अधिक लोग सवार थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 155 बंधकों को बचाया गया
इस ट्रेन के हाईजैक किए जाने के 24 घंटे को बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सैकड़ों सैनिक और हेलीकॉप्टरों में सवार टीमें उस सुदूर पहाड़ी इलाके में बंधकों को बचाने के लिए अभियान चला रही हैं, जहां ट्रेन रुकी हुई है। सरकार ने कहा कि उसने अब तक 155 यात्रियों को बचाया है। इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि कितने लोग आतंकवादियों की कैद में हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रेन में सवार मुहम्मद अशरफ ने कहा, "लोगों पर हमला किया गया... यात्री घायल हुए और कुछ यात्रियों की मौत हो गई।"
- पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन एक सुरंग में फंस गई थी और ड्राइवर को गंभीर चोटें लगने के बाद उसकी मौत हो गई।
- बीएलए ने धमकी दी है कि अगर बलूच राजनीतिक कैदियों, कार्यकर्ताओं और लापता लोगों को सेना की ओर से 48 घंटे के भीतर रिहा नहीं किया गया तो वह बंधकों को मारना शुरू कर देगा।
- एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि ट्रेन को काबू करने के बाद उग्रवादियों ने यात्रियों को उतारना शुरू कर दिया और उनकी पहचान की जांच करने लगे।
मौतों को लेकर सरकार चुप
अधिकारी ने बताया, "वे सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों की तलाश कर रहे थे।" उन्होंने बताया कि अब तक अर्धसैनिक बलों सहित कम से कम 11 लोग मारे जा चुके हैं।
हालांकि, कितने लाग मारे गए हैं सरकार ने इसकी जानकारी साझा नहीं की है। बीबीसी ऊर्दू के मुताबिक, क्वेटा से बोलन के लिए मदद भेजी जा रही ट्रेन में करीब 200 ताबूतों को भी भेजा गया है।
सूत्र ने बताया कि बमों से लैस बीएलए आतंकवादी अन्य यात्रियों के बगल में बैठे थे। बीएलए अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगे खनिज-समृद्ध बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान की सरकार से लड़ने वाले कई जातीय सशस्त्र समूहों में सबसे बड़ा है। सुरक्षा सूत्र ने बुधवार को कहा कि सैन्य अभियान में अब तक 27 बीएलए लड़ाके मारे गए हैं। मंगलवार को बीएलए ने अपने किसी भी सदस्य के मारे जाने से इनकार किया।
50 लोगों को सुरक्षित क्वेटा लाया गया
इस घटना में अब तक बचाए गए 50 से अधिक लोगों को बुधवार सुबह सुरक्षा बलों की निगरानी में क्वेटा लाया गया, जहां उनके रिश्तेदार उनका इंतजार कर रहे थे। एक महिला ने कहा कि उसका बेटा भी बंधक यात्रियों में शामिल है। उसने प्रांतीय मंत्री मीर जहूर बुलेदी से उस समय बात की, जब वे बंधक छुड़ाए गए यात्रियों से मिलने गए। उसने कहा, "मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करती हूं कि कृपया मेरे बच्चे को वापस ला दीजिए। अगर ट्रेनें सुरक्षित नहीं थीं, तो आपने उन्हें क्यों नहीं रोका? अगर ट्रेन को अपने गंतव्य तक पहुंचना ही नहीं था, तो उसे क्यों जाने दिया गया?"
क्वेटा रेलवे स्टेशन पर लोगों की उमड़ी भीड़
क्वेटा रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी को भी रेलवे स्टेशन में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा रही है और न ही किसी को सरकारी कार्यालय में जाने की इजाजत दी जा रही है। क्वेटा रेलवे स्टेशन पर कर्फ्यू जैसा माहौल है।
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