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    मानवता को शर्मसार कर रहा पाकिस्तान, हर दिन चार बलूच नागरिकों की हो रही हत्या

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Fri, 15 Aug 2025 12:12 AM (IST)

    बलूचिस्तान नेशनल मूवमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार 2025 के शुरुआती छह महीनों में 785 कार्यकर्ताओं को गायब कर दिया गया और 121 कार्यकर्ताओं की गैरकानूनी हत्याएं हुईं। पांक ने बलूच कार्यकर्ताओं के अपहरण और गैरकानूनी हत्याओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शिक्षाविद डाक्टर उस्मान काजी और उनके भाई जिब्रान अहमद की गुमशुदगी की भी निंदा की।

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    हर दिन औसतन चार बलूच कार्यकर्ता अगवा किए जा रहे हैं। (फाइल फोटो)

    एएनआइ: बलूचिस्तान। नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग, पांक ने पाकिस्तान में बलूच कार्यकर्ताओं के सामने मौजूद खतरों के बारे में डरावनी जानकारी दी है।

    विभाग ने बताया कि साल 2025 के शुरुआती छह महीनों में 785 कार्यकर्ता जबरन लापता हैं और 121 गैरकानूनी हत्याओं के मामले सामने आ चुके हैं। यानी हर दिन औसतन चार कार्यकर्ता अगवा किए जा रहे हैं और एक कार्यकर्ता की हत्या की जा रही है।

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    पांक ने एक्स पर जारी पोस्ट में लिखा कि बलूच कार्यकर्ता अपहरण, जबरन गुमशुदगी और गैरकानूनी हत्याओं के खतरे के बीच काम कर रहे हैं। उन्होंने युवा बलोच कार्यकर्ता शबर जमालदीनी की हालिया हिरासत और संभावित निर्वासन पर चिंता जताते हुए अन्य अधिकार कार्यकर्ताओं से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

    एक अन्य पोस्ट में उन्होंने शिक्षाविद डॉक्टर उस्मान काजी और अपने छोटे भाई शोधार्थी जिब्रान अहमद की जबरन गुमशुदगी की निंदा की और उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की।

    उन्होंने लिखा कि काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने 12 अगस्त को उन दोनों को उनके आवास से जबरन उठा लिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह से बलूचिस्तान से हर साल हजारों लोग बगैर कानूनी कार्रवाई के गायब किए जा रहे हैं। उनके परिवारों को भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।

    'बीएलए नहीं, पाक सेना पर प्रतिबंध लगाए अमेरिका'

    बलूच अमेरिकी कांग्रेस के प्रमुख तारा चंद ने पाकिस्तानी आर्मी को दुनिया की नंबर एक आतंकी सेना बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मांग की कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की बजाय पाक सेना को प्रतिबंधित किया जाए।

    गौरतलब है कि बीएलए और इसके अगुआ संगठन द मजीद ब्रिगेड को हाल में अमेरिका ने विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया है। उन्होंने अमेरिका से आंखें खोलकर निर्णय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाक सेना ने ही ओसामा बिन लादेन को शरण दे रखी थी।