इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज इमरान खान हूकूमत के खिलाफ हजारों पाकिस्तानी सड़कों पर उतरेंगे। मौलाना फजलुर्रहमान के नेतृत्व में सरकार विरोधी आजादी मार्च गुरुवार को राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुका है और शुक्रवार को नमाज के बाद यह आजादी मार्च इस्लामाबाद कूच करने वाला है। उनकी मांग है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपना इस्तीफा दें क्योंकि वह इस पद पर बने रहने के लायक नहीं है। पाकिस्तान में इस आजादी मार्च को हजारों लोगों का समर्थन मिला है, जिससे इमरान खान घबरा गए हैं।  

बता दें, मौलाना फजलुर्रहमान की दक्षिणपंथी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआइ-एफ) ने इस आजादी मार्च को शुरू किया है। इससे पहले मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व में आजादी मार्च को गुरुवार को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। यह फैसला लाहौर में ट्रेन हादसे के कारण लिया गया। इसे 31 अक्टूबर को इस्लामाबाद पहुंचना था।

इस आजादी मार्च के जरिए पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इमरान खान पर 2018 के चुनावों में धांधली के जरिए जीतने का आरोप है। इसके साथ ही उन्हें सेना की कठपुतली भी कहा जा रहा है, जिसे खुद सेना ने गद्दी पर बैठाया है। 

मौलाना फजलुर्रहमान का मानना है कि पीएम इमरान खान आर्थिक मामलों में काफी पीछे हैं और उनमें शासन चलाने की जरूर काबिलियत नहीं है। इस आजादी मार्च के कारण इमरान खान पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

नवाज शरीफ के खिलाफ भी हुआ था प्रदर्शन

ठीक ऐसे ही नवाज शरीफ के खिलाफ 2014 में इमरान खान के धरने के कारण इस्‍लामाबाद 123 दिनों तक पूरी तरह से बंद था। यहां तक कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पाकिस्तान यात्रा भी रद्द करनी पड़ी थी। इस दौरान उन्‍होंने कंटेनरों से धरना दिया था। 

राजधानी में चौकसी बढ़ी 

इस्‍लामाबाद के स्कूलों और कुछ कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। सभी प्रदर्शनकारी पूर्वी लाहौर के रास्ते से होते हुए इस्लामाबाद की ओर बढ़ने वाले थे। इस प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने चौकियों पर चौकसी बढ़ा दी गई हैं और अतिरिक्त बलों को तैनात कर दिया गया है।

Posted By: Shashank Pandey

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