Pakistan: 'हम अफगानिस्तान नहीं लौटना चाहते, वहां तालीबानी शासन है', पाकिस्तान से भगाए जाने से डरे अफगानी गायक
पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में बिना दस्तावेज के रह रहे हजारों अफगानी अप्रवासियों को लेकर कार्रवाई की है जिसने अफगानी अप्रवासी लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान सरकार की इस कार्रवाई को लेकर बड़ी संख्या में अफगानी अप्रवासियों ने क्वेटा में यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। अपने संभावित निर्वासन को लेकर अफगानी लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। अफगान अप्रवासी
पीटीआई, कराची। पाकिस्तान सरकार ने अपने देश में बिना दस्तावेज के रह रहे हजारों अफगानी अप्रवासियों को लेकर कार्रवाई की है, जिसने अफगानी अप्रवासी लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान सरकार की इस कार्रवाई को लेकर बड़ी संख्या में अफगानी अप्रवासियों ने क्वेटा में यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
गुरुवार को क्वेटा में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) कार्यालय के बाहर हाथों में बैनर लिए और नारे लगाते हुए दर्जनों अफगान गायकों ने पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। दरअसल, पाक सरकार ने बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों को देश छोड़ने या कारावास और निर्वासन का जोखिम उठाने के लिए समय सीमा निर्धारित करने की बात कही है।
संभावित निर्वासन को लेकर प्रदर्शन कर रहे अफगान अप्रवासी
पाकिस्तान में रह रहे अफगान अप्रवासी अपने संभावित निर्वासन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार का मकसद देश में उग्रवाद और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज करना है। इसको लेकर सरकार ने अफगान नागरिकों सहित हजारों गैर-दस्तावेज अप्रवासियों को 1 नवंबर की समय सीमा दी है।
'हम अफगानिस्तान नहीं लौटना चाहते'
प्रदर्शनकारी अफगान गायकों ने कहा कि वे अफगानिस्तान नहीं लौटना चाहते क्योंकि उन्हें तालिबान शासन द्वारा उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है। गायकों को ने कहा कि अगर उन्हें उनके देश वापस भेज दिया गया तो उनका भविष्य क्या होगा?
हम चिंतित हैं कि आगे क्या होगा- अफगानी गायक
एक अफगान गायक अहमद शदायी ने मीडिया को बताया, "हमें निर्वासन का डर है। हालांकि, हमारे पास वैध शरणार्थी दस्तावेज हैं, हम चिंतित हैं कि आगे क्या होगा।" प्रदर्शनकारी गायक अपने साथ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट अपने साथ ले गए थे, उन्होंने दावा किया कि तालिबानी गायकों को बुरा मानते हैं और वे अफगानिस्तान में सुरक्षित नहीं होंगे।
अवैध शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी- सरकार
अगस्त 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता हथियाने के बाद काबुल से भाग निकले शेडेयी ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपने जीवन और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं, यूएनएचसीआर क्वेटा की प्रवक्ता हुमेरा करीम ने कहा कि हम गायकों की मदद के लिए सब कुछ कर रहे हैं।
इस बीच, अधिकारियों ने गुरुवार को कराची में अवैध अफगान शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके तहत 1,700 गिरफ्तारियां हुईं हैं। पाकिस्तान के कार्यवाहक गृह एवं कारागार मंत्री सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर हारिस नवाज ने कहा कि अवैध शरणार्थी स्थानीय आबादी में रह रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।