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    बलूच नेता अकबर बुगती की विधवा ने इमरान के भतीजे के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जानें क्‍या है मामला

    By Ramesh MishraEdited By:
    Updated: Sun, 11 Jul 2021 05:24 PM (IST)

    बलूच नेता अकबर बुगती की विधवा शहजादी नरगिस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे और वकील हसन नियाजी और चार अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई आरोपों में एफआइआर दर्ज कराई है।

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    बलूच नेता अकबर बुगती की विधवा ने इमरान के भतीजे पर FIR दर्ज कराई। फाइल फोटो।

    लाहौर, एजेंसी। बलूच नेता अकबर बुगती की विधवा शहजादी नरगिस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भतीजे और वकील हसन नियाजी और चार अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई आरोपों में एफआइआर दर्ज कराई है। इसको लेकर पाकिस्‍तान की सियासत गरम हो गई है।

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    जान से मारने के इरादे से उनका गला दबाने की कोशिश

    पाकिस्तानी अखबार डान की रिपोर्ट के अनुसार हसन नियाजी और उनके साथियों ने सबसे पहले उन्हें उनके वकीलों की मौजूदगी में अपशब्द कहे और फिर उन्हें जान से मारने के इरादे से उनका गला दबाने की कोशिश की। नरगिस लाहौर की एफआइए अदालत में उनके खिलाफ दायर एक फर्जी मामले में जमानत के लिए पेश हुई थीं। डान के मुताबिक शिकायतकर्ता ने एफआइआर में कहा कि उनके वकीलों के दखल से हसन नियाजी और उनके साथियों समेत हमलावरों का अदालत परिसर में उत्पीड़न किया गया। उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त, 2006 को बलूच राष्ट्र के पितामह घोषित अकबर बुगती ने कोल्हू में सैन्य अभियान किया था।

    मरियम नवाज ने फटकारा

    वहीं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के कुशासन को फटकारते हुए कहा कि चुनाव चिन्ह अब क्रिकेट बैट की जगह चोर होना चाहिए। पीएमएल-एन के नेता ने कहा कि 2018 में इमरान खान ने क्रिकेट बैट के साथ 'स्टोल द इलेक्शन' भी चुरा लिया था। अब इमरान के नाम का जिक्र केवल वीडियो में होता है।

    एफआइए पर उत्पीड़न का आरोप

    पाकिस्तान के विपक्षी नेता शाहबाज शरीफ ने संघीय जांच एजेंसी (एफआइए) पर मनी लांड्रिंग के मामले में उनके खिलाफ जारी जांच में उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। द न्यूज इंटरनेशनल में प्रकाशित समाचार के मुताबिक जांच एजेंसी के खिलाफ विपक्ष के नेता के इन आरोपों को लाहौर कोर्ट में जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान रखा गया है। हालांकि एफआइए ने इन आरोपों को गलत बताया है।