वाशिंगटन, एजेंसी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंक ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को और अधिक समावेशी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ब्लिंकन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, हम मानते हैं कि जिन चुनौतियों का हम सामना कर रहे हैं, उनका सामना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों को न केवल चार्टर का पालन करना चाहिए, बल्कि सुरक्षा परिषद को और अधिक समावेशी बनाने सहित संस्थान का आधुनिकीकरण भी करना चाहिए।

उन्होंने कहा, इसीलिए, महासभा को अपने संबोधन में राष्ट्रपति जो बिडेन ने सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी दोनों प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया, जो भारत का एक दीर्घकालिक लक्ष्य है।

शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा, इसमें उन देशों के लिए स्थायी सीटें शामिल हैं जिनका हमने लंबे समय से समर्थन किया है और अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरिबियन के देशों के लिए स्थायी सीटें शामिल हैं।

न्यूयार्क से शहर पहुंचे जयशंकर, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भाग लिया, ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार एक विशेष रूप से सामयिक विषय है।

उन्होंने कहा, हम इस मुद्दे पर अमेरिका के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हैं जो स्वयं राष्ट्रपति बिडेन द्वारा व्यक्त की गई स्थिति में परिलक्षित होता है। हम इसे और आगे ले जाने के लिए अमेरिका के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं। मैंने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के सवाल पर अमेरिका से मिले मजबूत सहयोग की भी सराहना की।

जयशंकर ने कहा, मैं विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी प्रक्रिया द्वारा जाने-माने और वांछित आतंकवादियों की सूची का उल्लेख करता हूं। कई अन्य प्रारूपों में भी हमारे दोनों देश दुनिया को और अधिक सुरक्षित रखने के लिए सहयोग करते हैं।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं (एस जयशंकर और लायड आस्टिन) ने अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया, जापान और यूरोपीय भागीदारों के बीच गहरे सहयोग की भावना को रेखांकित किया। पेंटागन में विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए आस्टिन ने हाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ टेलीफोन पर हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि यह बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी और आकांक्षाओं को मजबूत करती है।

उन्होंने आगे कहा, मैं आपकी मित्रता का आभारी हूं और हम एक मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के अपने साझा दृष्टिकोण की दिशा में मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में एक शानदार बातचीत की आशा है।

Edited By: Versha Singh

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