लंदन, रायटर। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना ने रूस के कब्जे वाले डोनेस्क क्षेत्र के ल्यमान के दो गांवों को मुक्त करा लिया है। सेना ल्यमान के करीब पहुंच गई है और रूसी सैनिकों की घेराबंदी कर रखी है। यूक्रेन ने रूस पर यूरोप के सबसे बड़े परमाणु बिजली संयंत्र के प्रमुख का अपहरण करने का भी आरोप लगाया है। रूस ने डोनेस्क, लुहांस्क, खेरसान और जपोरीजिया में जनमत संग्रह कराने के बाद शुक्रवार को अपने देश में शामिल करने की घोषणा की थी।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सैनिकों का किया धन्यवाद

ऐसे में ल्यमान के दो गांवों को अपने कब्जे में लेना यूक्रेनी सेना के लिए महत्वपूर्ण बढ़त है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने वीडियो संदेश में यामपिल और ड्रोबाशेव गांवों को कब्जे में लेने पर अपने सैनिकों का धन्यवाद किया। जेलेंस्की ने कहा, 'हमारे देश के पूर्व में महत्वपूर्ण परिणाम हैं, सभी ने सुना है कि ल्यमान में क्या हो रहा है। ये ऐसे कदम हैं जो हमारे लिए मायने रखते हैं।'

डोनेस्क में रूस समर्थित प्रशासन के प्रमुख का बयान

डोनेस्क में रूस समर्थित प्रशासन के प्रमुख डेनिस पुशिलिन ने इंस्टाग्राम पर अपने संदेश में भी कहा कि यामपिल और ड्रोबाशेव पर उनकी सेना का पूर्ण नियंत्रण नहीं रह गया है। कीव से एपी की रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन की परमाणु कंपनी एनर्गोटम ने शनिवार को कहा कि रूसी सेना ने जपोरीजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के महानिदेशक इहोर मुराशोव को शुक्रवार अपराह्न करीब चार बजे अगवा कर लिया। जापोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूस के सैनिकों का कब्जा है।

एनर्गोटम के अध्यक्ष पेट्रो कोटिन का बयान

एनर्गोटम ने कहा कि रूसी सैनिकों ने मुराशोव की कार को रोका, उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और फिर उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले गए। एनर्गोटम के अध्यक्ष पेट्रो कोटिन ने कहा, 'रूस द्वारा उनको हिरासत में लेने की घटना यूक्रेन और यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा को खतरे में डालती है।'

पेट्रो कोटिन ने मांग की कि रूस तुरंत मुराशोव को रिहा करे। हालांकि, रूस ने मुराशोव को हिरासत में लेने से इन्कार किया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, जिसके कर्मचारी संयंत्र में तैनात हैं, ने एनर्गोटम के मुराशोव के अपहरण के दावे को स्वीकार नहीं किया है।

निंदा प्रस्ताव को रूस ने वीटो किया

रूस द्वारा यूक्रेन के चार क्षेत्रों को अपने अपने देश में मिलने की घोषणा के बाद पश्चिमी देशों से उसका तनाव बढ़ गया है। रूसी कदम के खिलाफ अमेरिका और अल्बानिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को निंदा प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को रूस ने वीटो कर दिया, जिससे यह निरस्त हो गया। अमेरिका ने पुतिन के सहयोगियों और अन्य अधिकारियों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की।

जापन और यूरोप के देशों ने रूस के कदम को अस्वीकार किया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। इसके जवाब में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि गुटेरस पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहे हैं। पुतिन ने कहा, पश्चिमी देशों ने भारत-अफ्रीका को लूटा थापुतिन ने पश्चिमी देशों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।

कहा कि पश्चिमी देश अपने फायदे के लिए किसी भी अन्य देश में सत्ता विरोधी आंदोलनों को हवा देते हैं और सरकारें गिराने में लगे रहते हैं। यह कितना बड़ा अंतर्विरोध है कि पश्चिम ने सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय की कीमत पर भारत जैसे देशों को लूटा था। उपनिवेशवादी नीति शुरू की। गुलामों का व्यापार किया। अमेरिका में मूल निवासियों की हत्या की, भारत और अफ्रीका जैसे देशों को लूटा

रूसी हमले में 30 की मौत

यूक्रेन ने कहा है कि जपोरीजिया में शुक्रवार को रूसी सैनिकों के हमले में 30 नागरिक मारे गए और 88 घायल हो गए। जपोरीजिया के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्जांद्र स्तारुख ने बताया कि लोगों का एक काफिला रूस नियंत्रित क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा था। उसी दौरान रूसी बलों ने हमला कर दिया। कई अन्य शहरों पर भी रूसी बलों ने हमले किए। 

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Edited By: Ashisha Singh Rajput

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