यरुशलम, एपी। यरुशलम में अल अक्सा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई। इस दौरान नमाजियों और इजरायली पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ। हिंसा में दो सौ से ज्यादा फलस्तीनियों के घायल होने की जानकारी मिली है। इनमें से 83 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रमजान के महीने में यहां फलस्तीन और इजराइल पुलिस के बीच कई बार टकराव हो चुका है। हिंसा में 17 पुलिस अफसर भी घायल हुए हैं।

अल अक्सा मस्जिद में करीब 70 हजार की भीड़ थी

इस बार शुक्रवार को अल अक्सा मस्जिद में करीब 70 हजार की भीड़ थी। नमाज के बाद अचानक हिंसा शुरू हो गई। अभी हिंसा शुरू होने का कारण पता नहीं चला है।

पुलिस ने भीड़ पर रबर बुलेट चलाईं, नमाजियों के चेहरे और आंखों में चोट आई

फलस्तीनियों की रेड क्रिसेंट इमरजेंसी सर्विस के अनुसार पुलिस ने भीड़ पर सीधे रबर बुलेट चलाई, इससे ज्यादातर नमाजियों के चेहरे और आंखों में चोट आई है। इससे पहले के शुक्रवार को भी पुलिस के साथ संघर्ष में दो फलस्तीनियों की मौत हो गई थी।

रमजान के पूरे महीने में पूर्वी यरुशलम में तनाव बना रहा 

रमजान के पूरे महीने में पूर्वी यरुशलम में तनाव बना रहा है। इस स्थान पर इजरायल और फलस्तीन दोनों ही अपना दावा करते हैं। यह तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया, जब इजरायल पुलिस ने कुछ पवित्र स्थानों पर प्रवेश पर रोक लगा दी, जहां पूरे दिन रोजा रखने के बाद ज्यादातर मुस्लिम इकट्ठा होते थे।

इजरायल और फलस्तीन को तनाव कम करने के प्रयास करने चाहिए: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, जार्डन सहित कई देशों ने इन संघर्षों पर चिंता व्यक्त की है। कहा है कि दोनों ही पक्षों को तनाव कम करने के प्रयास करने चाहिए।

फलस्तीन और इजरायल के बीच कई स्थानों को लेकर विवाद

यहां फलस्तीन और इजरायल के बीच कई स्थानों को लेकर विवाद है। शेख जर्राह को खाली कराने के मामले पर भी सोमवार को इजरायल की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।

फलस्तीन के राष्ट्रपति अब्बास ने कहा- पवित्र स्थल पर हिंसा करके इजरायल ने अपराध किया

फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि पवित्र स्थल पर हिंसा करके इजरायल ने अपराध किया है। उन्होंने तुरंत संयुक्त राष्ट्र का सत्र बुलाने की मांग की है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अल अक्सा मस्जिद पर हिंसा के लिए इजरायल की निंदा की है।