काठमांडू/नई दिल्‍ली, जेएनएन। Nepal Election 2022: भारत के पड़ोसी मुल्‍क नेपाल के आम चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। इससे एक बार फ‍िर देश में गठबंधन सरकार बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इन नतीजों के रुझानों से यह सुनिश्चित हो गया है कि नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का संकट बरकरार रहेगा। नेपाल में आम चुनाव के सभी नतीजे भले न सामने आए हो, लेकिन प्रधानमंत्री पद की दावेदारी शुरू हो गई है। इसके साथ इस कड़ी में हम यह भी जानेंगे कि गठबंधन सरकार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी कैसे एक बड़ी भूमिका निभा सकती है। आखिर राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी कब अस्तित्‍व में आई। इसके संस्‍थापक कौन हैं।

नेपाली कांग्रेस में पीएम पद के कौन उम्‍मीदवार

1- विदेश मामलों के जानकार प्रो हर्ष वी पंत का कहना है कि अगर नेपाल में किसी राजनीतिक दल को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिलता तो गठबंधन सरकार की रूपरेखा तैयार करना एक टेढ़ी खीर होगी। उन्‍होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस में पीएम पद के लिए कई दावेदार हैं। ऐसे में नेपाली कांग्रेस के अंदर अंर्तकलह की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है। उन्‍होंने कहा कि अगर यह संघर्ष ज्‍यादा चला तो नेपाली कांग्रेस कई धड़ों में बंट भी सकता है।

2- नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने आम चुनाव में एक बार फ‍िर जीत हासिल की है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को पीएम पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था। गगन थापा ने जीत के बाद अपने भाषण में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा दोहराई है। उन्‍होंने संकेत दिए हैं कि मैं नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के चुनाव की तैयारी शुरू करूंगा। गगन थापा को पीएम बनने के लिए संसदीय दल का नेता बनना जरूरी है।

3- इतना ही नहीं गगन थापा के अलावा राम चंद्र पौडयाल और प्रकाश मान सिंह भी प्रधानमंत्री बनने की रेस में हैं। नेपाली कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पार्टी में विरोधी गुट शेखर कोइराला के खेमे से आने वाले गगन थापा को पहले अपने गुट का समर्थन हासिल करना होगा। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल का प्रधानमंत्री कौन बनेगा।

4- उधर, विपक्षी नेता केपी ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है और 43 सीटों पर आगे चल रही है। इसलिए गठबंधन सरकार में क्‍या और कैसे समीकरण बनेंगे यह कहना जल्‍दबाजी होगा। उन्‍होंने कहा कि गगन थापा के पीएम बनने की राह में कई बाधाएं हैं। नेपाली कांग्रेस देश की कुल 165 सीटों में से 91 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अभी उसे संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनने के लिए ओली की पार्टी से मुकाबला करना है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की होगी बड़ी भूमिका

1- विदेश मामलों के जानकार प्रो हर्ष वी पंत का कहना है कि नेपाल के आम चुनाव में किसी राजनीतिक दल को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में इस चुनाव में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी ने अपने प्रदर्शन से देश के प्रमुख राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है। खासकर अगर नेपाल में किसी एक दल को बहुमत हासिल नहीं हुआ तो इन नई पार्टी का देश के राजनीति में वर्चस्‍व बढ़ना तय है। इसलिए प्रमुख दलों की नजर नेपाल के पूर्व पत्रकार रबी लामिछाने की पार्टी राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी पर टिकी है।

2- उन्‍होंने कहा कि खास बात यह है कि नेपाल की राजनीति में इस राजनीतिक दल का एक दम नया उद्भव है। राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी नेपाली कांग्रेस और सीपीएल जैसी बड़ी पार्टियों के बाद यह तीसरे स्‍थान है। उधर, आरएसपी के चुनाव चिन्‍ह घंटी के बारे में एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा गया है कि बड़े राजनीतिक दलों के लिए यह खतरे की घंटी है। आरएसपी का प्रभावशाली प्रदर्शन नेशनल कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल जैसी बड़ी राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी है।

आखिर कौन है रबी लामिछाने

राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी के संस्‍थापक रबी लामिछाने इन दिनों नेपाल की राजनीति में छाए हुए हैं। आम चुनाव के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर लामिछाने पर टिकी है। सक्रिय राजनीति में आने से पूर्व लामिछाने एक टीवी पत्रकार थे। लामिछाने ने 22 जून, 2022 को टीवी होस्‍ट की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्‍होंने अपनी सियासी पारी का ऐलान किया। उस वक्‍त नेपाल के किसी प्रमुख दल ने यह नहीं सोचा होगा कि आम चुनाव में लामिछाने की पार्टी इतना बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। लामिछाने ने वर्ष 2013 में सबसे लंबा टाक शो होस्ट करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रेकार्ड बनाया था। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे के एक शो को होस्ट किया था।

Edited By: Ramesh Mishra

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