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    Iran Hijab Row: ईरान में हिजाब से जुड़े उग्र प्रदर्शन की आंच सुप्रीम लीडर के आवास तक पहुंची, जानें पूरा मामला

    Iran Hijab Row ईरान में हिजाब से जुड़ा प्रदर्शन अभी भी जारी है। इसकी आंच इस्‍लामिक गणराज्‍य अयातुल्‍ला रूहुल्‍लाह खुमैनी के आवास तक पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्‍लामिक गणराज्‍य के संस्‍थापक अयातुल्‍ला खुमैनी के पुश्‍तैनी घर में आग लगा दी है।

    By AgencyEdited By: Ramesh MishraUpdated: Sat, 19 Nov 2022 07:36 PM (IST)
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    Iran Hijab Row: ईरान में हिजाब से जुड़े उग्र प्रदर्शन की आंच सुप्रीम लीडर के आवास तक पहुंची। एजेंसी।

    तेहरान, एजेंसी। Iran Hijab Row: ईरान में हिजाब से जुड़ा प्रदर्शन अभी भी जारी है। इसकी आंच इस्‍लामिक गणराज्‍य अयातुल्‍ला रूहुल्‍लाह खुमैनी के आवास तक पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्‍लामिक गणराज्‍य के संस्‍थापक अयातुल्‍ला खुमैनी के पुश्‍तैनी घर में आग लगा दी है।

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    हालांकि, खोमेन काउंटी के प्रेस कार्यालय ने इस बात से इन्‍कार किया है। अयातुल्‍ला खुमैनी ईरान में इस्‍लामी क्रांति के नेता थे। उन्‍होंने 1989 में अपनी मृत्‍यु तक ईरान के पहले सर्वोच्‍च नेता के रूप में ईरान की सेवा की थी। उन्‍होंने देश के पश्चिमी समर्थक नेता, शाह मोहम्मद रजा पहलवी को पदच्युत कर ईश्वरशासित राज्य की स्‍थापना की थी। बता दें कि उधर, ईरान में उग्र प्रदर्शन जारी है। ईरान के कई शहरों में आगजनी की घटना सामने आई है। तेहरान में एक बैंक को आग के हवाले कर दिया गया है।

    गौरतलब है कि ईरान में रविवार को हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के बीच यहां की एक अदालत ने एक प्रदर्शनकारी को मौत की सजा सुनाई है। अदालत की मिजान आनलाइन वेबसाइट ने बताया कि महसा अमिनी की मौत के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच ईरान ने पहली मौत की सजा सुनाई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी को एक सरकारी इमारत में आग लगाने, सार्वजनिक व्‍यवस्‍था को भंग करने एवं राष्‍ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराध करने की साजिश और ईरान के सबसे गंभीर कानून के तहत मृत्‍युदंड की सजा सुनाई है।

    ईरान में 16 सितंबर को 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान में हाल के वर्षों में अब तक के सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा है। इन विरोध प्रदर्शनों को ईरान की धार्मिक सत्‍ता के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है। उधर, ईरान की सरकार ने इसको दबाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खास बात यह है इस आंदोलन में नौजवान पीढ़ी बढ़चढ़ कर भाग ले रही है। सोशल मीडिया पर ईरान के विरोध प्रदर्शन से जुड़े ऐसे वीडियों से पटा पड़ा है। इन वीडियो में देश के सुप्रीम लीडर आयातुल्‍लाह अली खामेनेई की तस्‍वीरों को जलाते हुए देखा जा सकता है।