यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेपाल की अंतरिम पीएम बनते ही एक्शन में सुशीला कार्की, हिंसा और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बड़ा एलान
नेपाल में जेन-जी के भारी विरोध के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में जेन-जी के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को शुक्रवार को नेपाल के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और जेनरेशन जेड विरोध समूह के प्रतिनिधियों के बीच आम सहमति के आधार पर कार्की के नाम पर सहमति बनी।
इन सब के बीच कमान संभालते ही कार्की एक्शन में नजर आईं। उन्होंने दो आयोग गठन करने का निर्णय लिया है। पहला न्यायिक आयोग जो हिंसा प्रकरण की जांच करेगा और दूसरा, भ्रष्टाचार निवारक आयोग जो भ्रष्टाचार की जांच करेगा।
संसद भंग की औपचारिका पूरी करने की सिफारिश
अंतरिम पीएम कार्की संसद भंग करने की औपचारिकता पूरी करने के लिए सिफारिश करेंगी, जिस पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल हस्ताक्षर करेंगे। अभी सिंह दरबार के एक कमरे में अस्थाई कार्यालय बनाया गया है।
मार्च में हो सकती है चुनाव कराने की सिफारिश
इसके अलावा, मंत्रिमंडल सदस्यों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है और मंत्रियों के नाम कार्की तय करेंगी। वहीं, मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कराने की सिफारिश की जा सकती है क्योंकि अंतरिम सरकार का कार्यकाल 6 महीने का है।
ओली ने देश में कई दिनों तक चले भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में पद छोड़ दिया था। नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचने वाली कार्की को एक संक्रमणकालीन सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है, जिसका काम नए चुनाव आयोजित करना और राजनीतिक स्थिरता बहाल करना है।
