कोलंबो, रायटर/एएनआइ। Sri Lanka Serial Blasts श्रीलंका बम धमाकों में मरने वालों की संख्‍या 290 पहुंच गई है। इस बीच राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने घोषणा की है कि श्रीलंका में आज रात से आधी रात से आपातकाल लागू कर दिया जाएगा। सिलसिलेवार बम धमाकों का दर्द झेल रहे श्रीलंका में अभी भी हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहें। रविवार को लगातार 8 धमाकों के बाद देर रात फिर कोलंबो में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। ये बम कोलंबो एयरपोर्ट के बाहर रखा गया था। सूचना मिलते की मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने बम को डिफ्यूज किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, होममेड पाइप बम मुख्य टर्मिनल की ओर जाने वाली सड़क पर रखा गया था। वहीं श्रीलंका के सूचना विभाग ने जानकारी देते हुए कहा है कि सरकार ने रात 8 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है।

इंटरपोल की पेशकश
श्रीलंका में हुए बम धमाकों से पूरा विश्‍व हिल गया है। अब इस मामले में इंटरपोल आगे आया है और उसने इस खतरनाक आतंकी हमले की जांच में मदद करने की पेशकश की है। हालांकि, श्रीलंका की ओर से इस बारे में कोई बयान सामने नहीं आया है। इंटरपोल के सेक्रेटरी जनरल जुर्गेन स्टॉक ने कहा कि इंटरपोल इस भीषण हमले की कड़ी निंदा करता है और वह श्रीलंका के अधिकारियों को जांच में हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं। बताते चलें कि पेरिस स्थित इंटरपोल एक ऐसा संगठन है, जो दुनियाभर के देशों की पुलिस को सहयोग देता है।

दो और भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि
कोलंबो में हुए बम धमाकों में दो और भारतीयों के मरने की जानकारी मिली है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने दो अन्य भारतीयों की पुष्टि की है। इनके नाम केजी हनुमानथारायप्पा और एम रंगप्पा हैं। इस तरह अब तक कोलंबो में हुए बम धमाके में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि कोलंबो में हुए धमाके के बाद से वहां घूमने गई जेडीएस के सात कार्यकर्ताओं की टीम लापता हो गई है। मैं लगातार भारतीय उच्चायोग के संपर्क में बना हुआ हूं।

तीन सदस्यों वाली समिति नियुक्त
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश के सबसे घातक आतंकी हमले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली समिति नियुक्त की है। शीर्ष अदालत के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली ये समिति आतंकी हमले की जांच करे दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

अबतक 24 लोगों को किया गिरफ्तार 
श्रीलंकाई पुलिस ने इन सिलसिलेवार धमाकों को लेकर अबतक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि,  पुलिस ने उन लोगों की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन 24 लोगों को कोलंबो और उसके आसपास के दो जगहों से हिरासत में लिया गया है। वहीं, धमाकों की वजह से लगे कर्फ्यू को आज सुबह 6 बजे हटा लिया गया था। 

बताया जा रहा है कि श्रीलंका में महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा के लिए स्वचालित हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है। इसके अलावा श्रीलंकाई सरकार ने फेसबुक और वॉट्सऐप सहित सोशल मीडिया और मैसेजिंग साइटों पर फिलहाल बैन लगा दिया है। वहीं, अभीतक इन धमाकों की किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि हमले के पीछे मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन नेशनल तोहिद जमात (एनटीजी) का हाथ है। पुलिस चीफ पूजुथ जयसुंदरा ने 11 अप्रैल को एनटीजी की ओर से ऐसे आत्मघाती हमलों की चेतावनी दी थी।

बता दें कि श्रीलंका रविवार को एक के बाद एक आठ धमाकों व आत्मघाती हमलों से दहल उठा। ईसाइयों के पर्व ईस्टर के मौके पर विभिन्न चर्च और पांच सितारा होटलों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमलों में मरने वालों का आंकड़ा 290 पहुंच गया है, जबकि 500 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में 27 विदेशी हैं, जिसमें तीन भारतीय शामिल हैं। इसे श्रीलंका के इतिहास में सबसे भयावह हमला माना जा रहा है। हमले के बाद श्रीलंका सरकार ने पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया था। पोप फ्रांसिस और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विश्व के प्रमुख नेताओं ने इस कायराना हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

पुलिस प्रवक्ता रवान गुणसेकरा ने बताया कि छह धमाके सुबह 8:45 बजे लगभग एक ही समय पर हुए। देश में उस समय ईस्टर की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन धमाकों के कारण पूरा देश गम में डूब गया। सातवां और आठवां धमाका दोपहर बाद हुआ। पहला धमाका कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च और पश्चिमी कस्बे नेगोंबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च में हुआ। इसके बाद कोलंबो के तीन होटलों और फिर बट्टीकलोआ के एक चर्च में धमाके हुए। 

Posted By: Manish Pandey