मास्को, एएनआइ/स्पुतनिक। रूस ने दावा किया है कि कोरोना के वैरिएंट ओमिक्रोन के खिलाफ उसके वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई स्पुतनिक वी कोविड वैक्सीन 75 प्रतिशत प्रभावी है। यह दावा रूस के गामालेया रिसर्च सेंटर के प्रमुख अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने मंगलवार को किया है। गिंट्सबर्ग ने रोसिया सेगोडन्या प्रेस सेंटर में कहा कि जनसंख्या में ओमिक्रोन के संबंध में स्पुतनिक वी वैक्सीन की प्रभावशीलता 75 प्रतिशत है।

ओमिक्रोन के खिलाफ कम कारगार अन्य वैक्सीन

गामालेया प्रमुख ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को छह महीने में स्पुतनिक लाइट बूस्टर डोज दी जाती है तो ओमिक्रोन वैरिएंट के खिलाफ व्यक्ति की सुरक्षा 100 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, लेकिन वैकसीन न लेने पर यह सुरक्षा घटकर 56-57 प्रतिशत हो जाती है। उन्होंने आगे कहा कि ओमिक्रोन वैरिएंट के खिलाफ स्पुतनिक वी की प्रभावशीलता आठ गुना कम हो जाती है, लेकिन यह सुरक्षा के लिए अभी भी पर्याप्त है। गिंट्सबर्ग ने कहा कि ओमिक्रोन वैरिएंट तके खिलाफ अन्य वैक्सीन की प्रभावशीलता 21 गुना कम हो जाती है।

रूस ने स्पुतनिक वी वैक्सीन को बताया सबसे प्रभावी

आपको बता दें कि इससे पहले भी रूस ने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ अपने वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई स्पुतनिक वी वैक्सीन को 90 प्रतिशत प्रभावी बताया था। कोरोना के उपचार में रूस के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित स्पुतनिक वी वैक्सीन को दुनिया की सबसे अधिक प्रभावशाली वैक्सीन माना जा रहा था। रूस ने कोरोना की वैक्सीन मार्केट में उतारने के बाद दावा किया था कि ये वैक्सीन कोरोना के मूल स्ट्रेन पर 92 प्रतिशत तक प्रभावी है। इससे पहले रूस ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए चार घरेलू वैक्सीन को मंजूरी दी थी। और अब एक बार फिर कोरोना के काफी तेजी से फैलने वाले वैरिएंट के खिलाफ रूस ने अपनी वैक्सीन को सबसे प्रभावशाली बताया है।

वैरिएंट आफ कंसर्न

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के इस वैरिएंट का पहला मामला 25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। 26 नवंबर को डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण अफ्रीका में मिले इस कोविड-19 वैरिएंट को ओमिक्रोन (Omicron) नाम दिया था और इसे 'वैरिएंट आफ कंसर्न' चिंता का वैरिएंट घोषित किया है।

Edited By: Geetika Sharma