कीव, एपी। रूस द्वारा अपने नियंत्रण वाले यूक्रेन के चार क्षेत्रों में जनमत संग्रह के लिए मतदान कराने से पश्चिमी देशों के साथ उसका तनाव बढ़ गया है। अटकलें हैं कि इस मतदान का परिणाम पहले से ही रूस के पक्ष में आना तय है। मतदान के नतीजे शुक्रवार को आएंगे। माना जा रहा है कि रूस नतीजे पक्ष में आने के बाद दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के चार हिस्सों को औपचारिक रूप से अपने देश में शामिल करने की घोषणा कर सकता है। इससे पिछले सात महीने से जारी युद्ध के एक खतरनाक मोड़ पर पहुंचने की आशंका गहरा गई है।

जनमत संग्रह में महज 20 प्रतिशत ने मतदान किया

यूक्रेन के खेरसान, जापोरीजिया, लुहान्स्क और डोनेस्क में शुक्रवार से जनमत संग्रह के लिए मतदान शुरू हुआ था, जो मंगलवार तक चला। यूक्रेन के शहर मारियुपोल के मेयर वादिम बोइशेंको का कहना है कि डोनेस्क में हुए जनमत संग्रह में वहां मौजूद करीब एक लाख निवासियों में से महज 20 प्रतिशत ने मतदान किया है। मेयर इस तटवर्ती शहर पर रूस का नियंत्रण होने के बाद वहां से दूसरी जगह चले गए हैं।

रूस ने दी है परमाणु हमले की धमकी

रूस ने पश्चिमी देशों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यूक्रेनी क्षेत्रों को अपने देश की सीमा घोषित करने के बाद वह अपनी सीमा की रक्षा कर रहा होगा और इसके लिए वह परमाणु हथियारों का उपयोग भी कर सकता है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा कि मतदान के बाद 'कानूनी नजरिये से और अंतरराष्ट्रीय कानून के नजर से हालात में बेहद जरूरी बदलाव होंगे और आगे जो कुछ भी होगा वह इन क्षेत्रों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से होगा।'

पश्चिमी देशों ने कोरी धमकी बताया

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवान ने पुतिन द्वारा पिछले सप्ताह दी गई परमाणु हथियार के उपयोग की धमकी पर जवाब दिया। सुलीवान ने रविवार को एनबीसी से कहा कि अगर रूस ने यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियार के उपयोग की अपनी धमकी को सच्चाई में बदल दिया तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

रूस की गैस पाइप लाइन में रिसाव

रूस से बाल्टिक सागर होते हुए जर्मनी पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस की दो पाइप लाइनों में हुए असामान्य रिसाव के बाद मंगलवार को उनके साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जताई जा रही है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन का कहना है कि नार्ड स्ट्रीम 1 और 2 में पिछले एक दिन में तीन जगह रिसाव हुआ और वह इसमें छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं कर सकती हैं। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण जारी ऊर्जा गतिरोध की वजह से फिलहाल इन पाइपलाइनों से गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके बावजूद, गैस पाइपलाइनों में प्राकृतिक गैस भरी हुई है। रूस ने रिसाव को बेहद चिंताजनक बताया है और इसकी तत्काल जांच किए जाने की जरूरत बताई है।

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Edited By: Arun kumar Singh

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