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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनाथ सिंह ने मिस्र के समकक्ष से की मुलाकात, द्विपक्षीय रक्षा संबंधों समेत कई विषयों पर विस्तार से हुई बातचीत

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Tue, 20 Sep 2022 12:15 PM (IST)

Rajnath Singh Egypt Visit मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि काहिरा अफ्रीका ...और पढ़ें

मिस्र के राक्षमंत्री से मिलते हाथ मिलाते हुए राजनाथ सिंह
मिस्र के राक्षमंत्री से मिलते हाथ मिलाते हुए राजनाथ सिंह

काहिरा (मिस्र), एजेंसी। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय मिस्र की यात्रा पर हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को काहिरा में अपने समकक्ष जनरल मोहम्मद जकी (General Mohamed Zaki) से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ाने के लिए कई पहलों पर व्यापक चर्चा हुई।

राजनाथ सिंह ने रक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल भारत और मिस्र के बीच संबंधों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति और तालमेल भी मिलेगा।

राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट में कहा, 'मिस्र के रक्षा मंत्री जनरल मोहम्मद जकी के साथ काहिरा में बैठक हुई। इस दौरान हमने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और विस्तारित करने के लिए कई पहलों पर महत्वपूर्ण चर्चा की। रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने से दोनों देशों को एक नई गति मिलती है और हमारे संबंधों के लिए तालमेल बढ़ते हैं।'

मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि काहिरा अफ्रीका में भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक है और द्विपक्षीय व्यापार में काफी विस्तार हुआ है।

मिश्र के राष्ट्रपति से भी राजनाथ सिंह ने की मुलाकात

बता दें कि राजनाथ सिंह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और बढ़ाने के लिए रविवार से मिस्र के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले सोमवार को सिंह ने काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी (Abdel Fattah Al-Sisi) से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने सैन्य सहयोग को और विकसित करने और संयुक्त प्रशिक्षण, रक्षा सह-उत्पादन और ई-मिस्र के रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति व्यक्त की थी। 3.15 बिलियन अमेरिकी डालर के मौजूदा भारतीय निवेश के साथ इस क्षेत्र में यह भारत के लिए सबसे बड़े निवेश स्थलों में से एक है। भारतीय कंपनियां मिस्र में कई परियोजनाओं का निष्पादन जारी रखे हुए हैं।

22 जून को भारतीय वायु सेना की एक टीम गई थी मिस्र

इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय वायु सेना की एक टीम मिस्र की वायु सेना के साथ द्विपक्षीय 'सामरिक नेतृत्व कार्यक्रम' में भाग लेने के लिए 22 जून को मिस्र पहुंची थी। रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया कि साल 2022 का विशेष महत्व है, क्योंकि यह भारत और मिस्र के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।