समरकंद, एएनआइ। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए समरकंद में पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कुख्‍यात आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद (जेएम) के सरगना मौलाना मसूद अजहर से संबंधित एक पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया।

पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया

अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ जा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से पत्रकार ने सवाल किया तो उन्होंने जवाब नहीं देने का फैसला किया और आगे बढ़ गए। जब समरकंद में शहबाज शरीफ से पूछा गया कि क्या वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पत्रकार ने पूछा कि शरीफ साहब, एक छोटा सा सवाल है, क्या आप मसूद अजहर पर सवाल उठाएंगे, क्या आप उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे?"। शरीफ के सुरक्षाकर्मियों ने भी पत्रकार को सवाल पूछने से रोकने की कोशिश की। 'मुझे लगता है कि यह पर्याप्त है।' उनमें से एक को यह कहते हुए सुना गया। 

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि मसूद अजहर अफगानिस्‍तान में है। अब यह दि्वपक्षीय नहीं त्रिपक्षीय मामला है। यह भारत, पाकिस्‍तान के बीच का मामला है। 

भारत के कई ठिकानों पर हमले का गुनहगार है मसूद

ज्ञात हो कि आतंकी मसूद अजहर का कंधार में भारतीय विमान के हाईजैक, जम्मू-कश्मीर विधानसभा और भारतीय संसद पर हमले में सीधा हाथ रहा है। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया है।

पाकिस्‍तान ने अफगानिस्तान को लिखी थी चिट्ठी

ज्ञात हो कि एससीओ समिट से पहले पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की गिरफ्तारी के लिए अफगानिस्तान को चिट्ठी लिखी था। उसमें पाकिस्तान ने दावा किया था कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में छिपा है। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर अफगानिस्तान के नंगरहार और कनहर इलाकों में मौजूद हो सकता है।

अफगानिस्तान ने किया इंकार

वहीं बुधवार को तालिबानी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस बात से इनकार किया कि अजहर अफगानिस्तान में था। उन्‍होंने कहा कि वह वास्तव में पाकिस्तान में है, जैसा कि टोलो न्यूज के अनुसार है। उन्‍होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद समूह का नेता यहां अफगानिस्तान में नहीं है। यह एक ऐसा संगठन है, जो पाकिस्तान में हो सकता है। वैसे भी, वह अफगानिस्तान में नहीं है और हमसे ऐसा कुछ नहीं पूछा गया है। हमने इसके बारे में समाचार सुना है हमारी प्रतिक्रिया यह है कि यह सच नहीं है।

कोविड महामारी के बाद पहली बड़ा शिखर सम्‍मेलन

दुनिया में कोविड महामारी की चपेट में आने के बाद यह व्‍यक्तिगत तौर पर पहला एससीओ शिखर सम्मेलन है। व्यक्तिगत रूप से राष्ट्राध्यक्षों का अंतिम एससीओ शिखर सम्मेलन जून 2019 में बिश्केक में आयोजित किया गया था। एससीओ में वर्तमान में आठ सदस्य राज्य (चीन, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान), चार पर्यवेक्षक राज्य पूर्ण सदस्यता (अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया) और छह डायलाग पार्टनर्स (आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की) शामिल हैं।

इधर-उधर की बात करता है पाकिस्‍तान

इस बारे में भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने कहा था कि पाकिस्तान हमेशा दोहरी बातें करता है। वह आतंकवाद को लेकर इधर-उधर दोष डालने की कोशिश करता है। पूर्व डिप्टी एनएसए ने कहा कि अब हम जो देख रहे हैं, वह तालिबान और उसके पूर्व आका पाकिस्तान के बीच मधुर संबंधों को उजागर करता है।

Edited By: Arun Kumar Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट