उत्तर कोरिया ने मिसाइल के लिए ठोस ईंधन आधारित इंजन का किया परीक्षण, पढ़ें इसकी खासियत
उत्तर कोरिया ने बुधवार को अहम दावा किया है। उत्तर कोरिया का कहना है कि उसने मध्यम दूरी की मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन आधारित इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। आधिकारिक न्यूज एजेंसी की ओर से कहा गया कि देश के विज्ञानियों को पहले और दूसरे चरण के इंजनों का परीक्षण करने में सफलता प्राप्त की है। ठोस ईंधन पर आधारित मिसाइलों को लॉन्च करना अधिक आसान है।

एपी, सियोल। उत्तर कोरिया ने बुधवार को दावा किया है कि उसने मध्यम दूरी की मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन आधारित इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। वह प्रतिस्पर्धी देशों से मुकाबले के लिए लगातार परमाणु क्षमता वाले हथियार विकसित करने में जुटा है।
उत्तर कोरिया ने किया परीक्षण का दावा
उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी की ओर से कहा गया कि देश के विज्ञानियों को पहले और दूसरे चरण के इंजनों का परीक्षण करने में सफलता प्राप्त की है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया है कि नई मिसाइल प्रणाली के कब तक पूरा होने की संभावना है।
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ठोस ईंधन पर आधारित मिसाइलों को लॉन्च करना आसान
उत्तर कोरिया के पास मौजूद मध्यम दूरी की मिसाइलों में वर्तमान में तरल ईंधन आधारित ईंधन का प्रयोग होता है, जिसे लॉन्च करने से पहले ईंधन भरने की जरूरत पड़ती है। साथ ही इसमें ईंधन भरकर इसे लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता है।
ठोस ईंधन पर आधारित मिसाइलों को लॉन्च करना अधिक आसान होता है। साथ ही इसे एक से दूसरे जगह ले जाने में भी आसानी होती है। वहीं, रॉयटर के अनुसार रूस के प्राकृतिक संसाधन मंत्री अलेक्जेंडर कोजलोव के नेतृत्व में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल प्योंगयांग के दौरे पर मंगलवार को पहुंचा।
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