काठमांडू, एएनआइ। नेपाल से लापता विमान का सेना ने करीब छह घंटे बाद सुराग लगा लिया है। इस बारे में नेपाल सेना ने जानकारी दी है कि विमान हिमालय के मानापाथी के निचले हिस्से में देखा गया है। वहीं, मुस्टांग के कोवांग गांव में विमान का मलबा मिला है। 19 सीटर के इस विमान में 4 भारतीय, 3 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक सवार थे। अभी हालांकि यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि विमान में सवार यात्री सुरक्षित हैं या नहीं। सूत्रों के अनुसार, सेना के अधिकारियों को दूर से धुआं उठते हुए दिखा, जिसके बाद विमान का सुराग लगा। सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के तहत लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल सेना जमीन और हवाई मार्ग से घटनास्थल की ओर बढ़ रही है। सेना को खराब मौसम के चलते रेस्क्यू करने में मुश्किल हो रही है।

नेपाल में तारा एयर (Nepal Tara Air) के एक विमान ने रविवार सुबह उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, तारा एयर के डबल इंजन विमान ने आज सुबह पोखरा से जोमसोम के लिए उड़ान भरी थी। आखिरी बार विमान से सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर संपर्क हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि विमान केवल 15 मिनट की उड़ान के लिए गया था और इसमें 22 यात्री सवार हैं। वहीं विमान के 5 घंटे के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर क्रैश होने की आशंका जताई जा रही है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के प्रमुख ने कहा कि विमान की स्थिति का अभी पता नहीं चल पाया है।

नेपाल के सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने कहा

नेपाल के सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने कहा, 'स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के तहत लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल सेना जमीन और हवाई मार्ग से घटनास्थल की ओर बढ़ रही है।' 

मुंबई से गया है पूरा परिवार  

नेपाल के स्थानीय मीडिया के अनुसार लापता विमान में 4 भारतीय सवार थे जो एक ही परिवार से मुंबई से आए थे। एयरलाइन ने यात्रियों की सूची जारी की है, जिन्होंने चार भारतीयों की पहचान अशोक कुमार त्रिपाठी, धनुष त्रिपाठी, रितिका त्रिपाठी और वैभवी त्रिपाठी के रूप में की है। एयरलाइंस के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने कहा कि तीन सदस्यीय नेपाली चालक दल के अलावा चार भारतीय नागरिक, दो जर्मन और 13 नेपाली यात्री इसमें सवार हैं।

बता दें कि जोमसोम विदेशी पर्वतारोहियों के लिए एक लोकप्रिय मार्ग है जो पर्वतीय इलाकों पर ट्रेकिंग करते हैं। यहां भारतीय और नेपाली तीर्थयात्री काफी संख्या में श्रद्धेय मुक्तिनाथ मंदिर जाते हैं।

सेना का हेलीकाप्टर सर्च आपरेशन में लगा

नेपाली सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि नेपाली सेना का एक एमआई-17 हेलीकाप्टर हाल ही में लेटे, मस्टैंग के लिए रवाना हुआ है। वहीं नेपाल के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फदींद्र मणि पोखरेल के अनुसार मंत्रालय ने लापता विमान की तलाश के लिए मस्टैंग और पोखरा से दो निजी हेलीकाप्टर भी विमान के सर्च में तैनात किए हैं। 

भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने इस संबंध में एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +977-9851107021 भी जारी कर दिया है। वहीं दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि वह यात्रियों के परिवार के संपर्क में है।

माउंट धौलागिरी पहुंचने के बाद से संपर्क टूटा

वहां के मुख्य जिला अधिकारी नेत्र प्रसाद शर्मा ने एएनआइ को बताया कि विमान को मस्टैंग जिले में जोमसोम के आसमान के ऊपर देखा गया था और फिर उसे माउंट धौलागिरी की ओर मोड़ दिया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद से यह संपर्क में नहीं आया है।

2016 में विमान हुआ था क्रैश

बता दें कि साल 2016 में भी तारा का एक विमान लापता होने के बाद क्रैश हो गया था। जानकारी के अनुसार उत्तरी नेपाल के पहाड़ी इलाके में लापता हुए 23 यात्रियों को लेकर तारा हवाई जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में सभी यात्री मारे गए थे। गौरतलब है कि उड़ान का कुल समय 19 मिनट था, लेकिन उड़ान भरने के आठ मिनट बाद विमान ने संपर्क खो दिया था।

Edited By: Manish Negi