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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध में सीधे दखल नहीं देगा नाटो, रूस के पड़ोसी देशों में तैनात किए जाएंगे लड़ाकू दस्ते

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Thu, 24 Mar 2022 10:11 PM (IST)Updated: Fri, 25 Mar 2022 07:30 AM (IST)

ब्रसेल्स में गुरुवार को नाटो यूरोपीय यूनियन और जी 7 देशों की महत्वपूर्ण बैठकों में अमेरिका और यूरोप ने कई ...और पढ़ें

यूक्रेन को हर तरह की मदद बढ़ाई जाएगी
यूक्रेन को हर तरह की मदद बढ़ाई जाएगी

ब्रसेल्स, एपी। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की मौजूदगी में हुई समिट में नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) ने साफ कर दिया कि वह यूक्रेन युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि 30 देशों के संगठन को रूस से कोई खतरा नहीं है। लेकिन सतर्कता के चलते रूस के नजदीकी सदस्य देशों- बल्गारिया, हंगरी, रोमानिया और स्लोवेनिया में लड़ाकू सैन्य दस्तों की तैनाती की जाएगी।

ब्रसेल्स में गुरुवार को नाटो, यूरोपीय यूनियन और जी 7 देशों की महत्वपूर्ण बैठकों में अमेरिका और यूरोप ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ाने और यूक्रेन को अतिरिक्त सहायता का एलान किया है। अमेरिका यूक्रेन से पलायन करने वाले एक लाख लोगों को अपना वीजा देकर उन्हें जीवन यापन में मदद देगा। इसके अतिरिक्त यूक्रेन को एक अरब डालर (करीब साढ़े सात हजार करोड़ रुपये) की मानवीय सहायता दी जाएगी। सैन्य मदद इसके अतिरिक्त होगी। अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो ने यूक्रेन की सैन्य आपूर्ति बढ़ाने का भी फैसला किया है। यूक्रेन युद्ध में सीधे दखल से नाटो ने पहले ही इन्कार कर दिया था। एक महीने के युद्ध के बाद गठबंधन ने इस बात को गुरुवार को फिर दोहराया। राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, यूक्रेन को आत्मरक्षा का अधिकार है। इसलिए हम उसे समर्थन देना जारी रखेंगे और उसकी मदद बढ़ाएंगे।

जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ युद्ध में दुनिया के लोगों का मांगा सहयोग 

नाटो समिट में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये शामिल हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ युद्ध में दुनिया के लोगों का सहयोग मांगा। कहा, अपने घर- कार्यालयों से निकलकर लोग नजदीक के चौराहे-गलियों के नुक्कड़ पर एकत्रित हों और यूक्रेन के समर्थन का एलान करें। यूक्रेन जो लड़ाई लड़ रहा है, वह स्वतंत्रता और शांति की लड़ाई है। इस दौरान जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और नाटो के सदस्य देशों से ज्यादा सैन्य सहायता और समर्थन की मांग की। इससे पहले जेलेंस्की ने स्वीडन की संसद को संबोधित करते हुए यूरोपीय यूनियन की सदस्यता के दावे को इसलिए भी जरूरी बताया कि वह पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए रूसी हमले का मुकाबला कर रहे हैं। वह और उनके देश की जनता स्वतंत्रता, सुरक्षा और विकास के लिए यूरोप से जुड़ना चाहती है।

यूक्रेन में रूसी पत्रकार की मौत

यूक्रेन में चल रही रूसी गोलाबारी में रूस की पत्रकार ओकसाना बाउलीना की मौत हो गई है। वह स्वतंत्र न्यूज वेबसाइट-द इनसाइडर के लिए युद्ध क्षेत्र में समाचार संकलन का कार्य कर रही थीं। रूसी हमले के दायरे में ओकसाना तब आईं जब वह राजधानी कीव के पोडिल्स्की इलाके में हुई बर्बादी का वीडियो तैयार कर रही थीं। ओकसाना के साथ दो लोग और घायल हुए हैं। उन्हें कीव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बीबीसी को दुष्प्रचार से मुकाबले के लिए सहायता

ब्रिटिश सरकार ने रूस के दुष्प्रचार के खिलाफ सत्य को उजागर करने के लिए मीडिया कंपनी बीबीसी की व‌र्ल्ड सर्विस को 54 लाख डालर (करीब 40 करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस बीच रूस सरकार ने पश्चिमी देशों के दुष्प्रचार को रोकने के लिए गूगल की न्यूज सर्विस पर अपने देश में रोक लगा दी है। रूसी सरकार ने रूस विरोधी पश्चिमी देशों के अभियान में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन को सबसे ज्यादा सक्रिय नेता बताया है।

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