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    क्या तबाह हो जाएगा पूरा म्यांमार? वैज्ञानिकों ने एक महीने तक भूकंप आने की दी चेतावनी; अब तक 1700 की हुई मौत

    भारत ने म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत कार्य तेज़ कर दिए हैं। दो C-17 विमान के जरिए भारतीय सेना की चिकित्सा टीम और 60 टन राहत सामग्री भेजी गई। इसके अलावा भारतीय नौसेना के दो जहाज और NDRF की टीम भी भेजी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और भारत की मदद का भरोसा दिलाया।

    By Digital Desk Edited By: Prince Gourh Updated: Sun, 30 Mar 2025 04:48 PM (IST)
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    म्यांमार में भूकंप ने मचाई भारी तबाही (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। म्यांमार में शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप का दहशत लोगों के दिल और दिमाग में काफी ज्यादा हावी है। 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई और करीब 1700 लोगों की मौत हो गई। अब भूवैज्ञानिक द्वारा आफ्टरशॉक्स के बारे में चेतावनी दी गई है।

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    भूवैज्ञानिक जेस फीनिक्स के अनुसार, म्यांमार में आए इतनी अधिक तीव्रता वाले भूंकप से उतनी ऊर्जा निकली है जितनी 334 परमाणु बमों के विस्फोट से निकलती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए बताया है कि 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद इस क्षेत्र में लंबे समय तक आफ्टरशॉक्स आते रह सकते हैं।

    10 किलोमीटर की गहराई में आया था भूकंप

    अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र म्यांमार के मांडले शहर में था। यह भूकंप दोपहर के समय 10 किलोमीटर की गहराई में आया था। म्यांमार के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों की संख्या अब तक 1600 हो चुकी है। वहीं USGS ने अनुमान लगाया है कि मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा हो सकती है।

    भूवैज्ञानिक फीनिक्स ने सीएनएन को बताया कि, म्यांमार के इस क्षेत्र में महीनों तक लोगों को आफ्टरशॉक्स का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय टेक्टोनिक प्लेट यूरोशियन प्लेट से टकराती जा रही है।

    भारत ने भेजी मदद

    भारत ने म्यांमार में भूकंप से प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिए मेडिकल यूनिट और बचाव दल भेजा है। भारत द्वारा कंबल, तिरपाल, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप, खाने के पैकेट और किचन सेट जैसी आवश्यक सामग्री भेजी गई है।

    भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत दो C-17 विमान भेजे गए हैं जिनमें 118 सदस्यीय भारतीय सेना की चिकित्सा टीम, महिलाओं और बच्चों की देखभाल सेवा और 60 टन राहत सामग्री शामिल थी। यह विमान शनिवार को म्यांमार पहुंचा।

    राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता भेजी गई

    MEA प्रवक्ता रंधीर जयस्वाल ने कहा कि अब तक भारत से म्यांमार तक राहत सामग्री के पांच विमान पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही, भारतीय नौसेना के दो जहाज INS सतपुरा और INS सवित्री 40 टन मानवतावादी सहायता लेकर यांगून के बंदरगाह पर पहुंच चुके हैं। साथ ही 118 सदस्यीय एक फील्ड अस्पताल को आगरा से म्यांमार भेजने की तैयारी की गई है।

    चीन ने भी मदद को बढ़ाया हाथ

    भारत के अलावा चीन ने भी म्यांमार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। चीन के चुन्नान प्रांत से 37 सदस्यीय दल म्यांमार की राजधानी यांगून पहुंच चुका है। चीन द्वारा भेजा गया दल भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली और ड्रोन जैसी सुविधाओं के साथ राहत एवं चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा है।

    म्यांमार की सैन्य सरकार का बयान

    एक समाचार एजेंसी के अनुसार, म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख ने 1644 से अधिक मौतों की पुष्टि की है। विनाशकारी भूकंप के कारण कई शहरों की सड़कें, पुल और अन्य पब्लिक अवसंरचनाएं बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।

    म्यांमार की सैन्य सरकार ने बताया कि, भूकंप के कारण घायल होने वालों की संख्या 2400 के करीब है। कई इलाकों में बचाव अभियान जोरों पर है, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई स्थानों तक पहुंच पाना अभी काफी मुश्किल है।

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