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    भारत आएगा मेहुल चोकसी? बेल्जियम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका; सितंबर में होगी अहम सुनवाई

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 05:56 PM (IST)

    पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी की जमानत याचिका बेल्जियम की अदालत ने फिर खारिज कर दी। सीबीआई ने अदालत को बताया कि चोकसी पहले भी कई देशों से भाग चुका है। चोकसी को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने चोकसी की घर में नजरबंद करने की याचिका भी ठुकरा दी।

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    बेल्जियम कोर्ट ने मेहुल चोकसी को दिया बड़ा झटका (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की जमानत याचिका एक बार फिर बेल्जियम की अदालत ने खारिज कर दी है। भारत की जांच एजेंसी CBI ने अदालत को बताया कि चोकसी पहले भी कई देशों से भाग चुका है और अगर उसे जमानत दी गई तो वह फिर किसी देश भाग सकता है।

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    चोकसी को बेल्जियम में इसी साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी भारत की तरफ से भेजी गई प्रत्यर्पण की मांग के आधार पर हुई थी। इससे पहले भी बेल्जियम की कोर्ट ऑफ कसेशन ने उसकी जमानत अर्जी ठुकरा दी थी।

    कब की थी जमानत याचिका दायर?

    चोकसी ने 22 अगस्त को नई जमानत याचिका दायर की थी और कहा था कि उसे घर में नजरबंद किया जाए। लेकिन अदालत ने इसे भी ठुकरा दिया। अब बेल्जियम की अदालत में चोकसी के प्रत्यर्पण पर सुनवाई सितंबर में होगी। इस सुनवाई के दौरान भारत की जांच एजेंसी सीबीआई भी बेल्जियम की प्रॉसिक्यूशन टीम की मदद करेगी।

    मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी दोों ही PNB घोटाले के बड़े आरोपी हैं। यह घोटाला करीब 13 हजार करोड़ रुपये का बताया जाता है। नीरव मोदी 2019 से लंदन की जेल में बंद है और वह भी भारत प्रत्यर्पण का विरोध कर रहा है।

    भारत सरकार ने दिए कई सबूत

    भारत ने चोकसी के खिलाफ कई सबूत और दस्तावेज बेल्जियम सरकार को दिए हैं। इसमें मुंबई की विशेष अदालत के 2018 और 2021 के गिरफ्तारी वारंट भी शामिल हैं।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, पीएनबी की मुंबई ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों ने मार्च-अप्रैल 2017 में 165 लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और 58 फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (FLCs) जारी किए।

    कैसे किया घोटाला?

    ये बिना किसी अनुमति और गारंटी राशि के दिए गए थे और बैंक के सिस्टम में दर्ज भी नहीं किए गए। इन्हीं LoUs के आधार पर कई विदेशी बैंकों से चोकसी की कंपनियों को कर्ज मिला। लेकिन जब कंपनियों ने पैसा वापस नहीं किया तो इसकी जिम्मेदारी पीएनबी पर आ गई।

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