मां से बच्चे में तीन गंभीर रोगों का संक्रमण रोकने वाला पहला देश बना मालदीव, मिली बड़ी कामयाबी
मालदीव हेपेटाइटिस बी, एचआईवी और सिफलिस के मां से बच्चे में संचरण (EMTCT) के 'ट्रिपल उन्मूलन' को हासिल करने वाला ...और पढ़ें
-1760376919136_m.webp)
मां से बच्चे में तीन गंभीर रोगों का संक्रमण रोकने वाला पहला देश बना मालदीव (फाइल फोटो)
HighLights
एचआइवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी ईएमटीसीटी के ट्रिपल उन्मूलन में मिली कामयाबी
2022 और 2023 में एचआइवी या सिफलिस के साथ मालदीव में कोई भी बच्चा पैदा नहीं हुआ
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मालदीव ने हेपेटाइटिस बी, एचआइवी और सिफलिस के मां से बच्चे में ट्रांसमिशन या संचरण (ईएमटीसीटी) के ट्रिपल उन्मूलन रोकने में सफलता प्राप्त की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को कहा कि मालदीव ने हेपेटाइटिस बी, एचआइवी और सिफलिस के मां से बच्चे में ट्रांसमिशन (ईएमटीसीटी) के 'ट्रिपल उन्मूलन' को हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
मालदीव को उसे 2019 में एचआइवी और सिफलिस के लिए डब्ल्यूएचओ से ईएमटीसीटी हासिल करने की मान्यता मिली थी। अब डब्ल्यूएचओ ने बच्चों में हेपेटाइटिस बी के संचरण को समाप्त करने के लिए मान्यता दी है। मजबूत टीकाकरण प्रणाली के साथ, 2022 और 2023 में एचआइवी या सिफलिस के साथ मालदीव में कोई भी बच्चा पैदा नहीं हुआ।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डा. टेड्रोस अघानम घेब्रेयेसस ने कहा, मालदीव ने दिखा दिया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इन घातक बीमारियों के मां से बच्चे में संचरण को समाप्त करना संभव है। गौरतलब है कि मां से बच्चे में संक्रमण फैलने से दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित होते हैं।
डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय की प्रभारी अधिकारी डा. कैथरीना बोहेम ने कहा, यह ऐतिहासिक उपलब्धि स्वस्थ शुरुआत, आशाजनक भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मातृ एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
मालदीव में 95 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल मिली है, तथा एचआइवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी की जांच की गई है। मालदीव के स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल्ला नाजिम इब्राहिम ने कहा, यह ऐतिहासिक मान्यता मालदीव के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है और माताओं, बच्चों और भावी पीढि़यों की सुरक्षा के लिए हमारे राष्ट्र की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।
