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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें- किस देश ने किया 81% आबादी को वैक्‍सीनेट, जल्‍द बनेगा दुनिया का पहला कंप्‍लीट मास्‍क फ्री नेशन

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 08 Jun 2021 02:07 PM (IST)Updated: Tue, 08 Jun 2021 02:26 PM (IST)

इजरायल अपनी 81 फीसद आबादी को वैक्‍सीन दे चुका है। इनमें से 51 फीसद आबादी को दोनों खुराक दी जा ...और पढ़ें

इजरायल अगले सप्‍ताह हो जाएगा मास्‍क फ्री नेशन
इजरायल अगले सप्‍ताह हो जाएगा मास्‍क फ्री नेशन

येरूशलम (रॉयटर्स)। पूरी दुनिया में कोरोना की रफ्तार में आई कमी की वजह से कुछ देशों ने अब आगे कदम बढ़ा लिया है। पहले अमेरिका ने उन लोगों को मास्‍क लगाने से छूट देने की घोषणा की थी जिन्‍होंने वैक्‍सीन की दोनों खुराक ले ली थीं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने इसको एतिहासिक पल बताया था। अब इससे भी एक कदम आगे बढ़ते हुए इजरायल ने खुद को पूरी तरह से मास्‍क फ्री करने की घोषणा कर दी है। हालांकि ये अगले सप्‍ताह से लागू होगी। 15 जून के बाद इजरायल विश्‍व का पहला देश बन जाएगा जहां पर किसी को भी मास्‍क लगाना अनिवार्य नहीं होगा।

इजरायल के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री युली एडेलस्‍टीन ने इसकी घोषणा की है। आपको बता दें कि इजरायल अपने यहां पर करीब 81 फीसद आबादी को कोरोना वैक्‍सीन की खुराक दे चुका है। इसके बाद पहले उसने इससे संबंधित सभी प्रतिबंधों को हटाया और अब मास्‍क फ्री बनाने की भी घोषणा कर दी है। हालांकि इंडोर सार्वजनिक स्‍थलों पर अभी मास्‍क लगाना अनिवार्य होगा। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री का कहना है कि देश में कोरोना की स्थिति स्थिर है और आने वाले दिनों में इससे संबंधित सभी नियमों को खत्‍म कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि इजरायल उन देशों में शामिल है जहां पर 12-15 वर्ष के आयुवर्ग को भी वैक्‍सीन देने का काम शुरू हो गया है। 

इजरायल में जनवरी 2021 से अब तक कोरोना संक्रमण में काफी कमी आई है। जनवरी में यहां पर हर रोज कोरोना संक्रमण के दस हजार मामले सामने आ रहे थे। वहीं अब इनकी संख्‍या 10 से नीचे है। विशेषज्ञों की राय में कोरोना पर काबू पाने में इजरायल ने एक मिसाल कायम की है। आबादी की बात करें तो ये कई देशों के मुकाबले काफी कम है। यहां की आबादी करीब एक करोड़ है। कोरोना संक्रमण से हुई मौतों की बात करें तो ये 6418 है। लेकिन यहां पर कोरोना की रोकथाम को टेस्टिंग और क्‍वारंटीन को तेज किया गया। इसमें लोगों ने भी सरकार का भरपूर सहयोग किया। मौजूदा समय में यहां पर जबकि सक्रिय मरीजों की संख्‍या 200 से भी कम है।

इजरायल ने ये मुकाम हासिल करने के लिए छोटे-छोटे कई लक्ष्‍य निर्धारित किए थे। जैसे इजरायल ने लोगों की जांच के लिए कई टेस्टिंग सेंटर बनाए। ऐसा भी देखा गया कि लोगों ने खुद अपनी जांच करवाने को प्राथमिकता दी। संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने के लिए क्‍वारंटीन सेंटर में कई तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई गई। इजरायल ने इस पूरे अभियान को युद्धस्‍तर पर चलाया। वैक्‍सीनेशन की बात करें तो इजरायल ने दिसंबर 2020 में इसकी शुरुआत की थी। इजरायल में सबसे तेजी से लोगों को वैक्‍सीनेट किया गया। इसके लिए फाइजर की वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल किया गया। इजरायल की 50 फीसद आबादी ने वैक्‍सीन की दोनों खुराक ली है।