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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इजरायल में सरकार के खिलाफ जारी विरोध, हड़ताल के आह्वान में मुख्य हवाईअड्डे से उड़ानें रद्द

By AgencyEdited By: Shalini Kumari
Published: Mon, 27 Mar 2023 02:27 PM (IST)

Israel News इजरायल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच हड़ताल का आह्वान करते हुए मुख्य अंतरराष्ट्रीय ...और पढ़ें

इजरायल मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जाने वाली सभी प्रमुख उड़ानें रद्द
इजरायल मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जाने वाली सभी प्रमुख उड़ानें रद्द

तेल अवीव, एपी। इजरायल के हवाईअड्डा प्राधिकरण ने कहा है कि देश के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। दरअसल, सरकार के नियोजित न्यायिक फेरबदल के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया गया है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

सबसे बड़े ट्रेड यूनियन ने किया हड़ताल का आह्वान

देश के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन समूह द्वारा सोमवार को हड़ताल का आह्वान किया गया है और इससे इजरायल की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर असर पड़ सकता है। उड़ान के शेड्यूल में हुए परिवर्तन से हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका है।

प्रधानमंत्री के न्यायिक ओवरहाल ने पूरे इजरायली समाज में फैलाया आक्रोश

हालांकि, तेल अवीव के विशाल समुद्र तटीय महानगर के बाहर, विमान अभी भी बेन-गुरियन हवाई अड्डे पर उतारे जाएंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के न्यायिक ओवरहाल ने पूरे इजरायली समाज से विरोध को पनपने पर मजबूर कर दिया है।

दो महीनों से हो रहा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

इजरायल में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए नियोजित न्यायिक फेरबदल के विरोध में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। पिछले दो महीने से नागरिक इसका विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि कई बार यहां के लोगों ने खुले तौर पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की है।

न्यायिक ओवरहाल से हो सकते हैं विनाशकारी प्रभाव

व्यापार जगत के नेताओं और कानूनी अधिकारियों ने कहा है कि लागू किए गए योजना के विनाशकारी प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि, इजरायली सेना भी विरोध से अछूती नहीं दिख रही, उनमें भी इसे लेकर काफी असंतोष है।

दिसंबर में संभाला पीएम पद

आपको बता दें, लंबे सियासी गतिरोध के बाद दिसंबर के अंत में नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था। उनके सहयोगियों का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य अदालत पर लगाम कसना है, क्योंकि फिलहाल यह काफी बिखर चुकी है।